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Monday, May 11, 2026
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सीएए ‘व‍िरोध’ पर अड़े अमेरिकी राजदूत, अल्‍पसंख्‍यकों को लेकर भारत पर निशाना साधा, पन्‍नू की धमकी पर क्‍या बोले?

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वॉशिंगटन/नई दिल्‍ली:

अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन के करीबी और भारत में राजदूत एरिक गार्सेटी ने एक बार फिर से नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को लेकर भारत पर निशाना साधा है। साथ ही गार्सेटी ने अपने पहले दिए हुए बयान पर सफाई दी है। गार्सेटी ने कहा कि धार्मिक स्‍वतंत्रता किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्‍सा होता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों का संरक्षण भी लोकतंत्र में बहुत जरूरी है। गार्सेटी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब सीएए और अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के मुद्दे पर दोनों देशों में जुबानी जंग चल रही है। भारत ने हाल ही में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था और अमेरिका के बयानों पर करारा जवाब दिया था।

एरिक गार्सेटी ने एएनआई को दिए इंटरव्‍यू में कहा कि खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू की भारत को धमकी देने पर भी कहा कि हम किसी भी धमकी या आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लेते हैं। बता दें कि इससे पहले अमेरिका ने आरोप लगाया था कि भारतीय एजेंट ने पन्‍नू को मारने की सुपारी दी थी और भारत से कार्रवाई की मांग की थी। इससे पहले अमेरिकी राजदूत ने कहा था कि अमेरिका अपने सिद्धांतों को छोड़ नहीं सकता है। उन्‍होंने कहा था कि धार्मिक स्‍वतंत्रता और समानता का सिद्धांत लोकतंत्र की आधारशिला है।

अमेरिकी राजदूत ने क्‍या कहा था?
अमेरिकी राजदूत ने सीएए विवाद पर कहा था, ‘लेकिन आप सिद्धांत नहीं छोड़ सकते हैं, फिर चाहे आप अपने दोस्‍तों के कितने भी करीब क्‍यों न हों या यह आपके सबसे बड़े शत्रु का मामला हो। हम भी आपको अपने अपूर्ण लोकतंत्र के बारे में भी ऐसा करने के लिए आमंत्रित करते हैं। यह एकतरफा रास्‍ता नहीं है।’ गार्सेटी के इस बयान को भारत ने तत्‍काल खारिज कर दिया था। भारत ने कहा कि अमेरिका की यह आलोचना गलत सूचना पर आधारित है। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने भी सीएए को लेकर कहा था कि वह इससे चिंतित है। हमारी इस कानून पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और देख रहे हैं कि किस तरह से इसे लागू किया जाता है।

अमेरिकी प्रवक्‍ता ने कहा था कि इस कानून के तहत सभी समुदायों के लिए धार्मिक स्‍वतंत्रता और समान व्‍यवहार मूलभूत लोकतांत्रिक सिद्धांत है। सीएए के इस पूरे मामले में संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी आपत्ति जताई थी। इस पूरे विवाद के बीच भारत और अमेरिका में लगातार बयानबाजी का दौर जारी है। भारत ने साफ कह दिया है कि सीएए उसका आंतरिक मामला है। वहीं अमेरिकी राजदूत ने भी ताजा बयान देकर साफ कर दिया है कि वह अपने बयान से पीछे नहीं हटने जा रहे हैं। इससे लग रहा है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अभी दोनों देशों के बीच तनातनी बरकरार रह सकती है।

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