नई दिल्ली
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को यूट्यूब पर ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) से भी करीब 50 ऐसे ट्विट्स को हटाने को कहा गया है, जिनमें इस डॉक्यूमेंट्री के लिंक साझा किए गए थे।सूत्रों के मुताबिक सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने शुक्रवार (20 जनवरी) को आईटी रूल्स 2021 के तहत दी गई इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ब्लॉक करने का आदेश जारी किया। यूट्यूब पर ट्विटर, दोनों ने इन आदेशों को मान भी लिया है।
सरकार ने किस इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल किया?
आईटी एक्ट 2021 के रूल नंबर 16 में किसी आपात स्थिति में सरकार द्वारा किसी कंटेंट को ब्लॉक करने से संबंधित दिशा निर्देश दिए गए हैं। आईटी रूल्स को इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड 2021 के नाम से भी जाना जाता है, जो 25 फरवरी 2021 से प्रभाव में आया था। इस रूल में कहा गया है कि किसी आपात स्थिति में अगर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को लगता है और वह संतुष्ट हैं कि जनहित में किसी सूचना को ब्लॉक करना चाहिए तो वह जरूरी कदम उठा सकते हैं।
BBC की डॉक्यूमेंट्री पर क्या है सरकार का पक्ष?
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा है कि बीबीसी द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री India: The Modi Question पूरी तरह प्रोपेगेंडा है। इसमें सब एककुछ एक तरफा है और औपनिवेशिक मानसिकता से चीजें दिखाई गई हैं। बता दें कि इस डॉक्यूमेंट्री को खुद बीबीसी ने भारत में जारी नहीं किया, बल्कि यूट्यूब पर कुछ समय के लिए जारी कर हो गई थी।
3 मंत्रालयों ने डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद लिया ब्लॉक का फैसला
सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट्री देखी और पाया कि इसमें सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की साख पर सवाल हैं। साथ ही सरकार पर भी कई गैर-जिम्मेदापराना आरोप में हैं। तमाम तथ्यों को परखने के बाद पाया गया कि यह डॉक्यूमेंट्री भारत की निजता व संप्रभुता का हनन करती है, इसीलिए यूट्यूब को इसे हटाने को निर्देश दिया गया।
