9.4 C
London
Tuesday, January 13, 2026
Homeराज्यहम कूड़ेदान नहीं हैं... जज यशवंत वर्मा के ट्रांसफर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट...

हम कूड़ेदान नहीं हैं… जज यशवंत वर्मा के ट्रांसफर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन नाराज

Published on

प्रयागराज

बंगले में आग लगने के बाद 15 करोड़ कैश मिलने के बाद चर्चा में आए दिल्‍ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया है। इसको लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने तीखा असंतोष जाहिर किया है। बार एसोसिएशन ने एक प्रस्‍ताव पारित करते हुए कहा कि हम लोग कूड़ेदान नहीं हैं। भ्रष्‍टाचार किसी सूरत में भी बर्दाश्‍त नहीं है। ऐसे समय में जब इलाहाबाद हाई कोर्ट जजों की कमी से जूझ रहा है। यहां कई सालों से नए जजों की नियुक्ति नहीं हो रही है। सबसे बड़ी बात कि जजों की नियुक्ति को लेकर बार से कभी सलाह नहीं ली जाती है।

प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि संबंधित जज लगातार ऐसे आदेश पारित कर रहे हैं जो पक्षपातपूर्ण हैं। खासतौर पर अधिवक्ताओं एवं बार एसोसिएशन के सदस्‍यों को निशाना बना रहे हैं। प्रस्‍ताव में कहा गया है कि कुछ मामलों में एफआईआर और दमनात्‍मक कार्रवाई के आदेश बिना प्रभावित पक्ष को सुने ही दे दिए गए हैं। बार एसोसिएशन ने ऐसे कृत्‍यों को अन्‍यायपूर्ण ही नहीं बल्कि प्राकृतिक न्‍याय के सिद्धांतों का उल्‍लंघन बताया।

वरिष्‍ठ जजों ने स्‍वेच्‍छा से इस्‍तीफा देने का दिया सुझाव
दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस जस्टिस यशवंत वर्मा के निवास पर लगी आग के बाद भारी मात्रा में नकदी बरामद होने से न्यायिक हलकों में हड़कंप मच गया है। कॉलेजियम के कुछ सदस्यों का मानना है कि सिर्फ ट्रांसफर इस गंभीर मामले के लिए पर्याप्त नहीं है। इस मुद्दे पर न्यायपालिका की साख और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है। कुछ वरिष्ठ जजों ने जस्टिस वर्मा के स्वेच्छा से इस्तीफा देने का सुझाव दिया है।

इन हाउस हो सकती है जांच
इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में इन हाउस जांच शुरू की जा सकती है, जो संसद में महाभियोग की दिशा में पहला कदम हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के 1999 में तय किए गए इन-हाउस प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले मुख्य न्यायाधीश आरोपी जस्टिस से स्पष्टीकरण मांगते हैं। अगर स्पष्टीकरण असंतोषजनक होता है, तो एक जांच पैनल गठित किया जाता है, जिसमें एक सुप्रीम कोर्ट जज और दो हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते हैं।

Latest articles

‘जी राम जी’ योजना रामराज्य की अवधारणा का प्रतिबिंब : राज्यमंत्री कृष्णा गौर

भोपाल।विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन की गारंटी (VB जी राम जी) योजना को नए स्वरूप...

मकर संक्रांति पर जंबूरी मैदान में सजेगा आसमान 2,000 पतंगों संग होगा भव्य पतंग महोत्सव

भोपाल।राजधानी भोपाल में मकर संक्रांति का पर्व इस वर्ष विशेष उत्साह और सांस्कृतिक रंगों...

रायसेन रोड आईबीडी रायसिना कॉलोनी के नागरिक ‘मौत की सड़क’ से गुजरने को मजबूर

भोपाल। भेल क्षेत्र अंतर्गत आईबीडी रायसिना कॉलोनी (वार्ड क्रमांक 62), एनआरआई कॉलेज के सामने स्थित...

सोनी समाज ने किया प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं व महिलाओं का सम्मान

भोपाल।भोपाल सर्व स्वर्णकार समाज सम्मान नारी शक्ति सम्मान संगठन के अंतर्गत राजधानी भोपाल में...

More like this

दूषित पेयजल से 21 मौतों के विरोध में इंदौर में कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’, उमड़ा जनसैलाब

इंदौर।भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 21 निर्दोष नागरिकों की मौत और हजारों...

इंदौर में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला जारी, मसीह समाज प्रदेश अध्यक्ष ने उठाए सवाल

इंदौर।मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में दूषित पेयजल से लगातार मौतों की खबरें सामने...

भाजपा नेता संगीत सोम को बांग्लादेश से धमकी

इंदौर।भारतीय जनता पार्टी की नेत्री एवं पूर्व पार्षद संगीत सोम को बांग्लादेश से जान...