नई दिल्ली
उस दिन हम लोग सो रहे थे। करीब 6:30 बजे सायरन की आवाज सुनाई दी। हमने दो साल में ऐसी आवाज पहले कभी नहीं सुनी थी। हमें इस तरह के उथल-पुथल भरे माहौल का अनुभव नहीं था। हम शेल्टर की तरफ भागे। छोटे बच्चे के साथ वहां छिपे रहना काफी मुश्किल था। फिर भी हमने मैनेज किया। हम करीब 2 घंटे तक शेल्टर के भीतर ही रहे। कुछ देर बाद फिर सायरन बजने लगे। आज हम दिल्ली में उतरने के बाद काफी रिलैक्स महसूस कर रहे हैं। ईश्वर को धन्यवाद कि हम सेफ हैं। हम भारत सरकार, प्रधानमंत्री और सभी मंत्रियों को हमें वापस लाने के लिए धन्यवाद देते हैं। भारत में हमारी फैमिली काफी परेशान थी। छोटा बच्चा साथ होने के कारण घरवाले ज्यादा चिंतित थे।
बच्चे की तरफ इशारा करते हुए महिला ने कहा कि यह पहली बार भारत आया है। मैं और मेरे पति इजरायल में कृषि में रिसर्च कर रहे हैं। मेरा बेटा इजरायल में पैदा हुआ और वह 5 महीने का हो चुका है। हम वहां दक्षिणी हिस्से में रहते हैं। वह इलाका सेफ है लेकिन बच्चे के कारण हमने स्वदेश लौटने का फैसला किया। ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत इजरायल से 212 भारतीयों को लेकर पहला चार्टर विमान आज सुबह दिल्ली उतरा। ज्यादातर स्टूडेंट्स, रिसर्चर थे। उनके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।
शाम में मैसेज, सुबह फ्लाइट कमाल है
इजरायल से भारत आए मनोज कुमार ने बताया कि वह वहां बतौर पोस्ट डॉक्टोरल फेलो के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने कहा, ‘मेरी पत्नी और 4 साल की बेटी भी मेरे साथ है। मैं तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने काफी सहयोग किया। इसके साथ ही सुरक्षित रूप से भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय का धन्यवाद करता हूं। इजरायल की सरकार भी दिन-रात काम कर रही है।’ मनोज कुमार ने मुस्कुराते हुए बताया कि शाम को उन्होंने पोर्टल पर रजिस्टर किया और सुबह उन्हें बताया गया कि आज आपकी फ्लाइट है। यह शानदार अनुभव है।
वहां हर घर में बंकर है
इजरायल से आए एक भारतीय नागरिक ने कहा कि वहां हालात तो काफी खराब हैं लेकिन इजरायल के पास एडवांस्ड टेक्नोलॉजी है। उनके पास आयरन डोम है। हर घर में बंकर बने होने के कारण हम ज्यादा डरे नहीं लेकिन इस बार हालात काफी खतरनाक हैं। हमारी सरकार, विदेश मंत्री जयशंकर और तेल अवीव में उनकी टीम ने शानदार काम किया है।
