नई दिल्ली
चीन ने एक बार फिर मैप जारी कर उसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को चीन का हिस्सा दिखाया है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय की होस्ट की गई मानचित्र सेवा की वेबसाइट पर इस मैप को लॉन्च किया गया है। ऐसा पहली बार नहीं है जब चीन ने ऐसी हरकत की है। इससे पहले चीन की मिनिस्ट्री ऑफ सिविल अफेयर्स ने अरुणाचल प्रदेश के नक्शे में 11 जगहों के नए नाम दिए थे। चीन सिर्फ मैप पर ही ऐसी हरकत नहीं कर रहा बल्कि अरुणाचल प्रदेश से लगती लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास भी चीन ने इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है। कई गांव बनाए हैं और इंडियन आर्मी को अंदेशा है कि चीन की सेना इन गांवों का दोहरा इस्तेमाल यानी सिविल के साथ ही मिलिट्री इस्तेमाल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही चीन स्टडी ग्रुप (CSG) की मीटिंग हो सकती है। जिसमें हाल ही में ईस्टर्न लद्दाख में गतिरोध दूर करने को लेकर हुई दोनो देशों के बीच हुई कोर कमाडंर स्तर की मीटिंग और उसके बाद के डिप्लोमेटिक स्तर पर हुए डिवेलपमेंट के बारे में बातचीत हो सकती है।
चीन के साथ ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी पर तीन साल से ज्यादा वक्त से तनाव चल रहा है। बातचीत के जरिए इसे सुलझाने की कोशिशें जारी हैं लेकिन चीन ईस्टर्न सेक्टर में यानी अरुणाचल प्रदेश वाले इलाके में लगातार कुछ न कुछ हरकतें कर रहा है। पिछले साल दिसंबर में भी चीन ने ईस्टर्न सेक्टर में ऐसी हो कोशिश की थी। तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया था कि 9 दिसंबर को चीन ने अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से में यथास्थिति बदलने की कोशिश की। भारतीय सेना ने बहादुरी से चीनी सेना को हमारे क्षेत्र में अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें उनकी पोस्ट पर वापस जाने को मजबूर कर दिया। इसी साल जनवरी में आर्मी चीफ ने कहा कि पिछले कुछ समय में चीनी सैनिकों की तैनाती ईस्टर्न सेक्टर (अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम) के दूसरी तरफ बढ़ी है। चीनी सैनिक वहां एक्सरसाइज करने आए थे और फिर उनकी तैनाती को वहां बढ़ा दिया गया।
चीन ने पिछले दो साल में रेस्ट ऑफ अरुणाचल प्रदेश (RALP) एरिया के पास चीनी सैनिकों की गश्ती भी बढ़ाई है। वहां चीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश में ईस्ट और वेस्ट कामेंग जिले को छोड़कर बाकी अरुणाचल प्रदेश को इंडियन आर्मी RALP कहती है। चीनी सेना जिस तरह से RALP एरिया के दूसरी तरफ अपने सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई है उस पर इंडियन आर्मी की पूरी नजर है।
