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Saturday, March 7, 2026
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बागेश्वर सरकार के सेवादारों का कौन सा राज है, जिस पर मुंह नहीं खोलना चाहती है शिवरंजनी

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छतरपुर

गंगोत्री से पदयात्रा करते हुए शिवरंजनी छतरपुर पहुंच गई है। तबीयत खराब होने की वजह से वह छतरपुर में रुकी हुई थी। छतरपुर से बागेश्वर धाम की दूरी 35 किलोमीटर है। बागेश्वर धाम पहुंचकर 16 जून को शिवरंजनी अपने आने का मतलब का खुलासा करने वाली थी। वह वहां के लिए निकल गई लेकिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एकांतवास पर चले गए हैं। ऐसे में बागेश्वर सरकार से मुलाकात की संभावना कम ही है। नवभारत टाइम्स.कॉम को दिए इंटरव्यू में शिवरंजनी ने बाबा के सेवादारों के राज के बारे में बात की है। साथ ही बोली है कि मैं इस पर कभी अपना मुंह नहीं खोलूंगी। इससे धाम की बदनामी होगी।

दरअसल, बागेश्वर सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को शिवरंजनी प्राणनाथ कहती है। उनसे मिलने के लिए अपने परिवार के साथ गंगोत्री से पैदल निकली है। प्राणनाथ कहे जाने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि वह बागेश्वर सरकार के सामने शादी का प्रस्ताव रखेगी। इस पर शिवरंजनी यही जवाब देती रही है कि वह 16 जून को खुलासा करेगी। अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बाबा से मुलाकात नहीं होने की वजह से वह बागेश्वर धाम में बालाजी सरकार के दर्शन के बाद लौट जाएगी।

तबीयत बिगड़ गई
शिवरंजनी जब छतरपुर के करीब पहुंची तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इलाज के लिए छतरपुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। नवभारत टाइम्स.कॉम से बात करते हुए शिवरंजनी ने कहा कि यह सनातन धर्म का प्रचार और नारी सशक्तिकरण है।

शादी की बात से मुकरी
वहीं, शिवरंजनी ने बागेश्वर सरकार के साथ शादी की बात पर कहा कि मैंने कहीं भी शादी की बात नहीं की है। सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी वीडियो पोस्ट किया जा रहा है। उनमें मेरी व्यक्तिगत आस्था है। मैं उनसे शादी के लिए जा रही हूं, यह बात मैंने नहीं कही है।

एकांतवास पर चले गए महाराज
शिवरंजनी के बागेश्वर धाम पहुंचने से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एकांतवास पर चले गए हैं। इस पर शिवरंजनी ने कहा कि इसे मेरे यहां आने से कतई नहीं जोड़िए। यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है। शहर के कोलाहल से उन्हें अलग जाना भी, उनका व्यक्तिगत मैटर है।

कार में चलने पर दी सफाई
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें शिवरंजनी कार से चल रही थी। इस पर सफाई देते हुए उसने कहा कि यह वीडियो छतरपुर का है। मैं जब बीमार पड़ गई थी तब डॉक्टर ने मुझे पैदल चलने से मना कर दिया था। उसे शेयर कर लोग कह रहे हैं कि यह पदयात्रा नहीं है। शिवरंजनी ने कहा कि ऐसे वीडियो केवल छतरपुर में ही क्यों मिले हैं। मैं बहुत पैदल चल चुकी थी। साथ ही कलश रखकर मैं सिर पर चली थी। अस्पताल जानें के दौरान का यह वीडियो है।

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