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राहुल गांधी को देश के लोकतंत्र से अधिक बाहरी ताकतों पर भरोसा, केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस नेता पर हमला

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नई दिल्ली,

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले बयान को लेकर बीजेपी इन दिनों हमलावर है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बयान को लेकर राहुल पर निशाना साधा है. उन्होंने गुरुवार को कहा,’ये कैसा इश्क है, जो देश से नहीं अपनी राजनीतिक सियासत से है. ये कैसी मोहब्बत है, जो सिखों का नरसंहार करे. ये कैसी मोहब्बत है, जो कोयला लूटे और चारा लूटने वालों के साथ हाथ मिलाए. ये कैसी मोहब्बत है, जो सेंगोल का अपमान करे. ये कैसी मोहब्बत है, जो अपने ही संसद भवन का बहिष्कार करे.’

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा,’ये कैसी मोहब्बत है, जो तब नहीं बोलती जब केरल स्टोरी (फिल्म) आती है. ये कैसी मोहब्बत है, जो चुप हो जाती है, जब राजस्थान में महिलाओं के प्रति रेप की गतिविधि बढ़ती है. ये कैसी मोहब्बत है, जो उनसे हाथ मिलाती है और उनको गले लगाती है, हिंदुस्तान को कोसते हैं. ये कैसी मोहब्बत है, जो देश की राजधानी में भारत तेरे टुकड़े हों, ऐसे बोल बोलते हैं.’

राहुल ने कई सभाओं में दिया बयान
बता दें कि राहुल गांधी ने अपने अमेरिका दौरे पर भारतीय समुदाय को संबोधित किया था. इस दौरान उन्होंने अपनी सभाओं में भी ‘नफरत के शहर में, मोहब्बत की दुकान’ का जिक्र किया था. राहुल के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पलटवार किया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने नफरत का मेगा शॉपिंग मॉल खोल दिया है.

राहुल को नहीं पचता भारत का गौरव: नड्डा
नड्डा ने राहुल गांधी पर हिंदुओं और मुस्लिमों को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस कोई मोहब्बत की दुकान नहीं चला रही है. उन्होंने कहा कि जब भी भारत कोई नया रिकॉर्ड बनाता है, कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को भारत का गौरव पचता नहीं है. एक तरफ वह सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं, हिंदुओं और मुस्लिमों को बांटने की बातें करते हैं. दूसरी तरफ वे कहते हैं कि वे मोहब्बत की दुकान चला रहे हैं. आपने नफरत का मेगा शॉपिंग मॉल खोला हुआ है.

भारत को मिला आगे बढ़ाने वाला नेतृत्व
इस दौरान नड्डा ने कहा था कि 2014 से पहले के दौर और 2014 के बाद के दौर में जमीन-आसमान अंतर है. लोगों का मानना था कि कुछ भी नहीं बदलेगा और भ्रष्टाचार सब जगह होगा, हम सुधरने वाले नहीं हैं, यह देश की मानसिकता बन गई थी. हमारे देश की गिनती भ्रष्ट देशों में होती थी. कोई नेतृत्व, इरादा या नीति नहीं थी. हालांकि, लोगों ने भाजपा को वोट दिया और 2014 में भारत को एक ऐसा नेतृत्व मिला जो भारत को आगे बढ़ा रहा है.

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