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जकरबर्ग ने की गलती तो मेटा के अफसर ने मांगी माफी, मोदी सरकार पर गलतबयानी में बुरे फंसे FB के संस्थापक

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नई दिल्ली

फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि दुनियाभर में सत्ताधारी दलों को चुनावों में हार मिली है। उन्होंने इस फेहरिश्त में भारत का नाम भी गिना दिया। केंद्रीय सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका फैक्ट चेक कर दिया और कहा कि भारत के संदर्भ में जकरबर्ग का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जकरबर्ग का यह बयान बहुत निराशाजनक है। वैष्णव के इस कड़े विरोध पर मेटा की ओर से सफाई दी गई है।

मेटा के अफसर ने मांगी माफी
फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा की भारतीय शाखा में पब्लिक पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट शिवनाथ ठुकराल ने केंद्रीय मंत्री के पोस्ट का जवाब दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘प्रिय माननीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मार्क (जकरबर्ग) का यह अवलोकन कि 2024 के चुनावों में कई मौजूदा दलों की सत्ता में वापसी नहीं हुई, कई देशों के लिए सही है, लेकिन भारत के लिए नहीं। हम अनजाने में हुई इस गलती के लिए माफी चाहते हैं। भारत मेटा के लिए बेहद महत्वपूर्ण देश है और हम इसके शानदार भविष्य की धुरी होने की आशा करते हैं।’ ठुकराल ने यह पोस्ट 14 जनवरी को दोपहर 11.29 बजे की।

केंद्रीय मंत्री ने जताई थी आपत्ति
इससे पहले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 13 जनवरी की शाम 5.27 बजे अपने एक्स पोस्ट में जकरबर्ग के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने लिखा था, ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत ने 2024 के चुनावों में 64 करोड़ से अधिक मतदाताओं का विश्वास जीता। भारत के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए में अपने भरोसे की फिर से पुष्टि की। जुकरबर्ग का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि 2024 के चुनावों में भारत सहित अधिकांश मौजूदा सरकारें कोविड के बाद हार गईं।’

वैष्णव ने आगे कहा, ’80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त भोजन, 2.2 अरब मुफ्त टीके और कोविड के दौरान दुनिया भर के देशों को सहायता से लेकर भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाने तक, पीएम मोदी की निर्णायक तीसरी बार की जीत सुशासन और जनता के भरोसे का प्रमाण है।’ वैष्णव ने कहा, ‘मेटा, वो भी खुद जकरबर्ग की तरफ से गलत सूचना आते देखना निराशाजनक है। आइए तथ्यों की कद्र करें और विश्वसनीयता को बनाए रखें।’

समन भेजने की भी थी तैयारी
मार्क जकरबर्ग के बयान पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि उन्हें संसदीय समिति की तरफ से समन भेजा जाएगा। दुबे संचार एवं सूचना-प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति के अध्यक्ष हैं। अब देखना होगा कि मेटा की तरफ से शिवनाथ ठुकराल की सफाई के बाद सरकार का क्या रुख रहेगा।

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