मानव तस्करी के शक में फ्रांस में गुरुवार को रोका गया विमान मंगलवार तड़के मुंबई आ गया। फ्रांस के वैट्री से 276 यात्री सुबह साढ़े 4 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुए। इनसे इमिग्रेशन के साथ CBI, IB समेत कई सिक्योरिटी एजेंसी ने पूछताछ की। दिन में 11:30 बजे तक सभी को जाने की इजाजत दे दी गई।
मानव तस्करी के आरोप वाले इस विमान में ज्यादातर यात्री पंजाब, हरियाणा, गुजरात और दक्षिण भारत से हैं। इन्हें छोटे-छोटे बैच में एयरपोर्ट से निकलने की मंजूरी दी गई। कुछ लोग बाहर निकले तो कुछ ट्रांजिट बस लेकर डमेस्टिक टर्मिनल की ओर चले गए। ज्यादातर यात्रियों के पास दो से ज्यादा सामान नहीं था। अभी तक की जांच में सभी 276 लोगों के पास भारतीय पासपोर्ट मिले हैं। 276 यात्रियों के साथ 15 क्रू मेंबर भी देश लौट आए हैं।
जिसने बुक किया था प्लेन, वह नहीं लौटा
एक अधिकारी ने बताया कि भारत लौटे यात्रियों में वह शख्स शामिल नहीं है, जिसने यह प्लेन रोमानिया की एयरलाइंस से किराये पर लिया था। वही शख्स इन यात्रियों को दुबई से प्लेन के जरिए सेंट्रल अमेरिका के निकारागुआ ले जा रहा था। शक है कि निकारागुआ से इन्हें अमेरिका और कनाडा में अवैध रूप से बसाने की योजना थी।
प्लेन में सवार थे 303 भारतीय
दुबई से निकारागुआ जाने वाली एक उड़ान को पिछले हफ्ते फ्रांस में रोक दिया गया था। अधिकारियों ने विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने मानव तस्करी के संदेह में यात्रियों से पूछताछ शुरू की। इस विमान में 303 भारतीय सवार थे। इनमें से 276 यात्री मुंबई लौट आए। फ्रांसीसी जांचकर्ताओं ने चार दिन बाद विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी। बाद में वह मुंबई लौट आए। जहाज पर सवार सभी 27 लोगों ने फ्रांसीसी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और शरण मांगी। उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया गया।
इस तरह हुई जांच
रोमानिया की लीजेंड एयरलाइंस द्वारा संचालित विमान ईंधन भरने के लिए 21 दिसंबर की दोपहर को फ्रांस के वाट्री हवाई अड्डे पर उतरा। फ्रांसीसी जांचकर्ताओं को गुप्त सूचना मिली थी कि विमान में मानव तस्करी हो रही थी। उन्होंने विमान को रोका और यात्रियों से पूछताछ शुरू कर दी। जांच चार दिन तक चली। इस घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।
मास्टर कौन है?
आशंका है कि हैदराबाद का कोई व्यक्ति मास्टरमाइंड हो सकता है। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, शशि किरण रेड्डी के हाल की घटना से जुड़े होने की संभावना है। पिछले साल भी रेड्डी का नाम मानव तस्करी के एक मामले में सामने आया था।
15 साल से कर रहा ह्यूमन ट्रैफकिंग
सूत्रों के अनुसार शशि किरण रेड्डी पिछले 15 वर्षों से मानव तस्करी में शामिल है। वह निकागुआरा जाने वाली उड़ान का मास्टरमाइंड होने की संभावना है। रेड्डी का काम उन लोगों को भेजना है जो दुबई से अवैध रूप से अमेरिका जाना चाहते हैं और फिर उन्हें सड़क मार्ग से अवैध रूप से अमेरिका में छोड़ देते हैं।
क्या है डिंगुचा मामला
हैदराबाद का शशि किरण रेड्डी 2022 के डिंगुचा मामले का भी आरोपी है। डिंगुचा मामले में अपर्याप्त सबूतों के चलते शशि किरण रेड्डी को पुलिस ने छोड़ दिया था। डिंगुचा मामले ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। यूएस-कनाडा बॉर्डर से अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान गुजरात के पटेल परिवार की जमकर मौत हो गई थी। मरने वालों में जगदीश पटेल, उनकी पत्नी वैशाली और विहांगी और धार्मिक नाम के दो बच्चे थे।
96 यात्री दुबई के
303 यात्रियों में से 96 गुजरात के थे। पिछले दो महीनों में, रेड्डी पर निकारागुआ से 800 लोगों को अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका भेजने का आरोप है। वह पहले 50 सीटों वाले विमान में तस्करी करता था। फ्रांसीसी अधिकारियों को संदेह था। उन्होंने हवाई अड्डे पर उड़ान भरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। उड़ान को दुबई लौटना पड़ा। रेड्डी ने 300 यात्रियों को ले जाने वाली उड़ान की व्यवस्था की। विमान को नहीं रोका जाएगा। उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें ईंधन भरने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन यह धारणा गलत है।
