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Monday, May 4, 2026
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ये हमले हमारे ऊपर ही क्यों… हमें निशाना क्यों बनाया जा रहा है, संसद में हरभजन ने उठाया सवाल

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नई दिल्ली

आम आदमी पार्टी के सांसद पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने राज्यसभा में शून्यकाल में अफगानिस्तान में सिखों और गुरुद्वारों पर हमले का मुद्दा उठाया। इस दौरान हरभजन सिंह भगवा पगड़ी पहने नजर आए। हरभजन सिंह हाथ जोड़कर खड़े हुए और अपनी बात रखी। हरभजन सिंह ने कहा कि हमें क्यों निशाना बनाया जा रहा है? हरभजन सिंह ने कहा कि ये एक ऐसा मुद्दा है जिसने दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले सिख की भावना को आहत किया है। यह एक सिख होने की पहचान पर हमला है। इस तरह के हमले हमें कई सवाल करने पर मजबूर कर देते हैं कि ये हमले हमारे ऊपर ही क्यों? क्यों हमें ही निशाना बनाया जा रहा है। हरभजन के सवाल खत्म करने के बाद स्पीकर वेंकैया नायडू ने उनकी तारीफ की। इस पर सांसदों ने तालियां बजाईं।

‘जीडीपी में योगदान देने में आगे हैं सिख’
हरभजन सिंह ने कहा कि दुनियाभर में गुरुद्वारों ने कोविड काल में भोजन से लेकर ऑक्सिजन तक लोगों को मुहैया कराया था। हरभजन ने स्वतंत्रता के बाद का देश में सिखों के योगदान का भी जिक्र किया। हरभजन सिंह ने कहा कि देश की जीडीपी, रोजगार, दान-धर्म में सिख हमेशा सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय भारत और अन्य देशों के बीच संबंधों में एक मजबूत कड़ी रहा है। वो अपने साहस, पराक्रम और कड़ी मेहनत के लिए जाने जाते हैं। ये सब होने के बावजूद हमारे साथ ऐसा सलूक क्यों?

काबुल में गुरुद्वारों पर हमलों का जिक्र
हरभजन सिंह ने 18 जून को काबुल में गुरुद्वारे पर हुए धमाकों का जिक्र किया। इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। 25 मार्च 2020 को आईएस के हमलावरों की तरफ से काबुल के गुरुद्वारों में आत्मघाती हमलों का भी जिक्र किया। उस हमले में बच्चों समेत 25 सिखों की मौत हुई थी। हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले में विदेश मंत्रालय से जरूरी कदम उठाने की अपील की।

हजारों सिखों का गढ़ था…अब मुट्ठीभर बचे
इससे पहले हरभजन सिंह ने सदन में कहा कि अफगानिस्तान कभी हजारों सिखों का गढ़ था। उन्होंने कहा कि दशकों के संघर्ष के कारण यह संख्या कम होकर मुट्ठी भर रह गई है। हरभजन सिंह ने कहा कि 1980 के दशक में अफगानिस्तान में 2.20 हजार सिख और हिंदू रहते थे। 1990 के दशक की शुरुआत में यह आंकड़ा गिरकर 15 हजार पहुंच गया और 2016 में कम होकर 1350 हो गया है। उन्होंने कहा कि अब वहां करीब 150 सिख ही बच गए हैं। इसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि हरभजन सिंह आपने अच्छा मुद्दा उठाया। नायडू ने कहा कि हरभजन सिंह जाने माने क्रिकेटर हैं। इन्होंने जो विषय उठाया महत्वपूर्ण है। मेरे ख्याल से विदेश मंत्री इसपर और ध्यान देंगे।

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