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Tuesday, June 23, 2026
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उत्तर प्रदेश : सजा की ऑर्डर कॉपी लेकर भागे मंत्री पर पुलिस ने क्यों नहीं दर्ज की FIR?

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लखनऊ,

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान कानपुर की कोर्ट से एक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आदेश की कॉपी लेकर भाग गए थे. राकेश सचान के कोर्ट से आदेश की कॉपी लेकर भाग जाने के मामले में पुलिस को तहरीर भी मिल चुकी है लेकिन पुलिस है कि मंत्रीजी पर हाथ डालने से कतरा रही है. घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में राकेश सचान के खिलाफ एक एफआईआर तक दर्ज नहीं की है.

कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को कानपुर की कोर्ट ने अवैध असलहा से जुड़े एक मामले में दोषी करार दिया था. इसके बाद राकेश सचान कोर्ट से कथित तौर पर आदेश की कॉपी लेकर भाग निकले थे. इस मामले में पुलिस से भी शिकायत हुई थी लेकिन तहरीर मिलने के 24 घंटे बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है. इस मामले की जांच भी पुलिस ने अब तक शुरू नहीं की है.

कानपुर पुलिस ने मामले के तूल पकड़ने के बाद अब सफाई दी है. कानपुर पुलिस ने कहा है कि रविवार को कोर्ट बंद था जिसकी वजह से मामले में जांच शुरू नहीं की जा सकी. कानपुर पुलिस के मुताबिक, कोर्ट से मिले पत्र पर एसीपी कोतवाली को मामले की जांच सौंपी गई है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उन्हें कोर्ट के संज्ञान में लाया जाएगा. इसके बाद कोर्ट से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी.

राकेश सचान के खिलाफ तहरीर में क्या है
पुलिस को मिली तहरीर के मुताबिक मंत्री राकेश सचान के वकील ने देखने के लिए पत्रावली मांगी. राकेश सचान का वकील कौन था, पुलिस इसका पता लगाकर वकील से भी पूछताछ करेगी और इस मामले में रीडर से भी जानकारी लेगी. पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर होगी जिसमें सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी अहम होंगे.

पुलिस ये भी देखेगी कि सुनवाई के समय मंत्री राकेश सचान कोर्ट में मौजूद थे या नहीं. कोर्ट परिसर में और कौन-कौन से लोग मौजूद थे? इस दौरान कोर्ट के कौन-कौन से कर्मचारी मौजूद थे? कोर्ट ने मंत्री को हिरासत में लेने के आदेश दिए थे या नहीं? बताया जा रहा है कि आर्म्स एक्ट के जिस मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर राकेश सचान भागे, उस मामले में वे पिछले 10 महीने से पेश नहीं हुए थे.

विधायकी बचाने को लेकर भी मंथन
कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर भागने वाले राकेश सचान को दोषी करार दिए जाने के बाद ये तय माना जा रहा है कि उन्हें इस मामले में सजा होगी. जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दो साल से अधिक की सजा सुनाए जाने के बाद राकेश सचान की विधायकी खतरे में पड़ जाएगी. ऐसे में राकेश सचान के अधिवक्ताओं की टीम अब उनकी विधायकी बचाने के लिए मंथन में जुट गई है. इसे लेकर देश के वरिष्ठ कानूनविदों से भी सचान के वकील राय ले रहे हैं.

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