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चीन के साथ देश का लगातार बढ़ रहा व्यापार फिर चिंता क्यों जता रहे पीयूष गोयल?

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नई दिल्ली

चीन के साथ भारत का कारोबार लगातार बढ़ा है। देश कई सामानों के मामले में चीन पर निर्भर है। चीन पर निर्भरता कम करने के लिए हाल ही में सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लेकिन चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा लंबे समय से सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल  ने राज्यसभा में इस बात पर चिंता जताई है कि भारत कई चीज़ों के लिए चीन पर निर्भर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2003-2004 में चीन से भारत का आयात करीब 4.34 अरब डॉलर का था। लेकिन साल 2013-14 आते-आते ये बढ़कर करीब 51.03 अरब डॉलर का हो गया। ऐसे में देखें तो 10 वर्षों में आयात बढ़कर दस गुना से भी ज्यादा हो गया।

चीन पर निर्भर हुआ दवा उद्योग
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल  के मुताबिक, एक समय ऐसा था जब एपीआई यानी दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भारत ही पूरी दुनिया को निर्यात किया करता था। लेकिन अब हालत ये है कि देश का दवा उद्योग अब चीन पर निर्भर हो गया है। इस कारोबार में भारत लगातार पिछड़ता चला गया है। चीन पर भारत की निर्भरता कम करने पर लगातार जोर दिए जाने के बावजूद दोनों के कारोबार में लगातार इज़ाफा हो रहा है। द्विपक्षीय कारोबार का पलड़ा पूरी तरह चीन के पक्ष में झुका है। चीन का निर्यात भारत की तुलना में कई गुना ज़्यादा है। ये चिंता का विषय है।

व्यापार घाटा बढ़ा
पीयूष गोयल के मुताबिक, साल 2004-05 में भारत और चीन के बीच 1.48 अरब डॉलर का व्यापार घाटा था। लेकिन 2013-14 में ये बढ़कर 36.21 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान भारत और चीन के बीच 44.33 अरब डॉलर का व्यापार घाटा था, लेकिन वित्त वर्ष के दौरान ये बढ़ कर 73.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। सीमा पर तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय करोबार में 43.3 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह वित्त वर्ष 2020-21 में चीन ने भारत को 65.21 अरब डॉलर के मूल्य का सामान निर्यात किया था, लेकिन वित्त वर्ष 2021-22 में इसमें तेज इजाफा हुआ और यह 94.57 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

इस वजह से चीन से बढ़ते कारोबार के हैं नुकसान
चीन के साथ बढ़ते कारोबार के नुकसान पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि इससे पूरा देश घटिया सामाना से भर गया। देश में ऐसी चीजें आ गईं जिनकी क़ीमतों को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं थी। इसके लिए जरूरी है कि चीन पर देश की निर्भरता कम की जाए।

सरकार उठा रही ये कदम
सरकार चीन पर निर्भरता को कम करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। पीयूष गोयल के मुताबिक, देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मज़बूत करने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम (पीएलआई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की है। इससे आयात की निर्भरता चीन पर कम होगी। पहले देश में मोबाइल हैंडसेट के सिर्फ दो प्लांट हुआ करते थे। इसके चलते देश में इस्तेमाल होने वाले करीब सारे स्मार्टफोन चीन से ही मंगाए जाते थे, लेकिन अब पीएलआई स्कीम की बदौलत देश में मोबाइल फोन सेक्टर में 200 कंपनियां हैं।

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