नई दिल्ली
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन आज राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाथ जोड़ लिए। दरअसल, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को आज एक साल हुए। सदन के नेता ने बधाई तो खरगे ने कहा कि कहते तो हम सभी मिलकर दो शब्द कह सकते थे बगैर बात किए ये वन-वे करते हैं। इसके बाद ही खरगे ने हाथ जोड़ते हुए कहा, ‘आपसे विनती है जल्दी माइक बंद मत करो साहब’। यह देख सभापति भी हंस पड़े और उन्होंने भी हाथ जोड़ लिए।
इसके बाद खरगे ने लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को सस्पेंड किए जाने का मुद्दा राज्यसभा में उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लास्ट डे है और इतने लोगों को इस सदन से सस्पेंड किया गया और प्रिविलेज कमेटी को रेफर किया गया। 6 लोगों को किया गया। वहां पर अधीर रंजन चौधरी जो विपक्ष के नेता हैं, उन्हें भी सस्पेंड किया गया।
जैसे ही खरगे ने अधीर को सस्पेंड किए जाने का मुद्दा उठाया तो सत्तापक्ष के सदस्य आपत्ति जताने लगे। खरगे ने कहा कि अरे, संविधान में दोनों हाउस है। एक हाउस नहीं है। सभापति ने सत्तापक्ष के सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की। इसके बाद धनखड़ ने सदस्यों से आग्रह करते हुए कहा कि प्लीज विपक्ष के नेता को ध्यान से सुनिए। एक बढ़िया उदाहरण सेट कीजिए। इसके बाद सभापति ने हल्के मूड में कहा कि सर, मुझे गाइड कीजिए जिससे सब कामकाज ठीक से चले।
खरगे ने आगे तंज कसा- हम तो इसमें विश्वास करते हैं कि कल जो करना है, आज करो। आज करना है तो अभी करो। पल में प्रलय होगा फिर करोगे कब। लेकिन लोकतंत्र में डिबेट में छोटे-मोटे विषय आते हैं। एक दूसरे के बारे में कुछ कहते हैं। अगर वह बहुत असंसदीय है, किसी को बहुत दुखी करता है। आप कह सकते हैं लेकिन वहां जो हमारे अधीर साहब को निलंबित किया गया उसका कोई आधार नहीं है। उन्होंने इतना ही कहा कि नीरव मोदी… नीरव का मतलब शांत। इसलिए कोई नीरव मोदी बोले तो आप सस्पेंड करते हैं।
सभापति ने कहा कि सर, ये दूसरे सदन का मामला है। खरगे ने कहा कि सर, मैं भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति से अपील कर रहा हूं। आपको लोकतंत्र का संरक्षण करना है। सस्पेंड नहीं करना चाहिए क्योंकि वह कई कमेटी में हैं। यह अच्छी बात नहीं है। इसके बाद सत्तापक्ष के सदस्यों की ओर से आपत्ति जताई गई कि लोकसभा की कार्यवाही की यहां चर्चा की गई, खरगे के बयान की जांच कर उसे रेकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।
