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यूरीक एसिड बढ़ गया है तो कैसे पहचानें? शरीर में दिखते हैं ये शुरुआती लक्षण, इन देसी नुस्खों से पाएं तुरंत आराम!

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यूरीक एसिड (Uric Acid) शरीर में बनने वाला एक तरह का गंदा पदार्थ (Waste Product) है, जिसे किडनियाँ फ़िल्टर करके बाहर निकाल देती हैं। लेकिन जब हम प्यूरीन (Purine) से भरपूर चीज़ें ज़्यादा खाते हैं, तो शरीर इसे बाहर नहीं निकाल पाता। नतीजा यह होता है कि यूरीक एसिड के छोटे-छोटे क्रिस्टल हड्डियों के बीच जमा होने लगते हैं, जो आगे चलकर गाउट (Gout) या गठिया का रूप ले लेते हैं। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और खान-पान में सुधार करना बेहद ज़रूरी है।

हड्डियों और जोड़ों में तेज़ दर्द

जब शरीर में यूरीक एसिड का लेवल बढ़ता है, तो इसके क्रिस्टल सबसे पहले जोड़ों (Joints) में जमा होते हैं। इसके कारण घुटनों, पैर के अंगूठे और उंगलियों में असहनीय दर्द और सूजन होने लगती है। कई बार जोड़ों में जलन और बेचैनी भी महसूस होती है। यदि आपको सुबह उठते ही पैरों में तेज़ दर्द होता है, तो यह हाई यूरीक एसिड का संकेत हो सकता है।

किडनी की पथरी और यूरिन में परेशानी

यूरीक एसिड बढ़ने का सीधा असर हमारी किडनी पर पड़ता है। जब खून में इसकी मात्रा ज़्यादा हो जाती है, तो यह किडनी में जमा होकर पथरी (Kidney Stones) बना सकता है। इसकी वजह से पीठ के निचले हिस्से में तेज़ दर्द हो सकता है और पेशाब करने में दिक्कत या जलन महसूस हो सकती है। इसे नज़रअंदाज़ करना किडनी को स्थाई नुकसान पहुँचा सकता है।

यूरीक एसिड बढ़ने की मुख्य वजहें

हमारी बिगड़ती जीवनशैली (Lifestyle) यूरीक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। ज़्यादा शराब का सेवन, सोडा, रेड मीट और बाहर का जंक फूड खाने से शरीर में प्यूरीन बढ़ जाता है। इसके अलावा मोटापा, डायबिटीज और पानी कम पीना (Dehydration) भी इस समस्या को बढ़ावा देते हैं। जो लोग दिन भर बैठे रहते हैं और कोई शारीरिक एक्टिविटी नहीं करते, उनमें यह समस्या ज़्यादा देखी जाती है।

नींबू पानी और तुलसी का रामबाण इलाज

यूरीक एसिड को नेचुरल तरीके से कम करने के लिए बाबा रामदेव और एक्सपर्ट्स नींबू पानी की सलाह देते हैं। सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीने से शरीर डिटॉक्स होता है। इसके अलावा तुलसी की हर्बल चाय भी सूजन कम करने में मदद करती है। ज़्यादा से ज़्यादा पानी पीना चाहिए ताकि किडनियाँ गंदगी को आसानी से फ़िल्टर कर सकें।

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खान-पान में करें ये ‘देसी’ सुधार

यूरीक एसिड कंट्रोल करने के लिए अपनी डाइट में फाइबर वाली चीज़ें शामिल करें। ओट्स, ब्राउन राइस, सेब, गाजर और अमरूद का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। चेरी और बेरीज में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं। साथ ही, अजवाइन का पानी (Celery Water) भी बढ़े हुए यूरीक एसिड को कम करने में असरदार माना जाता है।

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