बच्चे भी पाकिस्तान से जंग लड़ रहे हैं… दिल्ली पहुंचीं बलोच नेता बोलीं- हमें आजाद करवाए भारत

नई दिल्ली

बलूचिस्तान में गृहयुद्ध चल रहा है। आजादी के लिए संघर्ष जारी है। यहां पर छोटी लड़कियां और लड़के संघर्ष कर रहे हैं। मैं भारत से पाकिस्तान नामक आतंकवाद के केंद्र को समाप्त करने के लिए बलूचिस्तान के साथ हाथ मिलाने का आग्रह करूंगी… ये कहना है बलोच कार्यकर्ता और प्रोफेसर नायला कादरी बलोच का। बलोच इस वक्त भारत यात्रा पर हैं और यहां पर पीओके की जो कहानी उन्होंने बयां की वो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं।

बलूचिस्तान में पाक कर रहा जबरदस्ती
प्रोफेसर नायला कादरी बलोच ने दिल्ली पहुंचकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर पाकिस्तान के करतूतों के चिट्ठे खोल दिए। नायला कादरी पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले प्रांत बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए आंदोलन चलाने वाले नेताओं ने 21 मार्च को अपनी निर्वासित सरकार का गठन किया। कनाडा में निर्वासन में रह रहीं वरिष्ठ बलोच नेता प्रोफेसर नायला कादरी बलोच को इसका मुखिया बनाया गया है। इस वक्त वो भारत यात्रा पर हैं। यहां दिल्ली पहुंचकर उन्होंने मीडिया से बात की।

सीपीईसी के बारे में कही ये बात
नायला कादरी ने चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर जिसको सीपीईसी भी कहते हैं, इसके बारे में भी कई खुलासे किए। उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर बलूचिस्तान वालों के लिए मौत के फरमान जैसा है। उन्होंने कहा कि ये कोई इकोनॉमिक प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि ये सैन्य प्रोजेक्ट है। किसी भी देश को ये अधिकार नहीं है कि वो बलोच के बंदरगाह को बेंच दे। वे हमें चीनी पाकिस्तानी बस्तियों के निर्माण के लिए हमारी पुश्तैनी जमीन से विस्थापित कर रहे हैं।

2016 में नायला कादरी का बयाान
साल 2016 में नायला कादरी का बयान काफी सुर्खियों में आया था। बलूचिस्‍तान की महिला नेता नायला कादरी ने बयान दिया था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके लोगों के हीरो हैं। वाराणसी में आयोजित दो दिवसीय संस्कृति संसद में विश्व बलूच महिला संघ की अध्यक्ष नायला कादरी ने पाकिस्तान, चीन के साथ मिलकर बलूचिस्तान में बलूच नस्ल को ही खत्म करना चाहता है। पाकिस्‍तान बलूच लोगों का नरसंहार कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि अगर भारत सरकार ने अनुमति दी तो बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार का गठन वाराणसी में ही किया जाएगा। बलूच आजादी का मुद्दा उठाने पर नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए नायला ने कहा कि बलूचिस्तान आजाद होता है तो वहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा लगेगी।

बलूचिस्तान में चल रहा संघर्ष
बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए बलोच सालों से संघर्ष कर रहे हैं। तकरीबन एक महीने पहले बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना की एजेंसियों के खिलाफ हमले तेज कर दिए थे। खबर आई थी कि बीएलए ने मिलिट्री इंटेलीजेंस (एमआइ) और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस-इंटेलीजेंस (आइएसआइ) करन शहर स्थित दफ्तरों पर राकेट दागे थे। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हुई थी मगर उस इलाके में एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियां देखीं गईं थीं।

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