10 C
London
Saturday, February 28, 2026
HomeUncategorized5 साल से घाटे में चल रही इस कंपनी को नहीं बेचेगी...

5 साल से घाटे में चल रही इस कंपनी को नहीं बेचेगी सरकार, फेल हो चुका है बड़ा प्लान

Published on

नई दिल्ली,

महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) के प्राइवेटाइजेशन को लेकर सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है. सरकार ने शुक्रवार को संसद में बताया कि MTNLके निजीकरण की कोई योजना नहीं है. पिछले पांच वित्त वर्षों से MTNL लगातार घाटे में चल रही है. इसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार इसका निजीकरण कर सकती है. लेकिन संसद में संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने कहा कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है. MTNL को 2016-17 से घाटा हो रहा है. वर्ष 2021-22 में इसका घाटा 2,617 करोड़ रुपये था.

सफल नहीं हो पाई थी सरकार की योजना
एक लिखित जवाब में संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि MTNL के निजीकरण की कोई योजना नहीं है. सरकार ने अक्टूबर 2019 में भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और MTNL के रिवाइवल की योजना को मंजूरी दी थी. इसके तहत दोनों टेलीकॉम कॉर्पोरेशन के मर्जर की मंजूरी दी गई थी. लेकिन MTNL के अधिक कर्ज और BSNL की प्रतिकूल वित्तीय स्थिति के कारण ये योजना आगे नहीं बढ़ सकी. दिसंबर 2020 में सरकार ने MTNL के कर्ज की स्थिति में सुधार होने तक मर्जर को टाल दिया.

4G उपकरणों का परीक्षण
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने 14 जून 2022 को हुई अपनी बैठक में 5G सेवाएं प्रदान करने के लिए BSNL के लिए स्पेक्ट्रम रिजर्व किया था. चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत देश में बने 4G उपकरणों का परीक्षण पहले से ही एडवांस स्टेज में है. परीक्षण पूरा होने के बाद उपकरणों की डिलीवरी शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इस उपकरण को लगाने और चालू करने के बाद लोगों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

कितना है टेलीकॉम कंपनियों का बकाया
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइड करने वाली प्रमुख कंपनियों के बकाया लाइसेंस शुल्क के बारे में बताया. मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 तक कुल लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम इस्तेमाल शुल्क का बकाया लगभग 1,62,654.4 करोड़ रुपये था. इसमें से वित्त वर्ष 2018-19 तक भारती समूह का लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम इस्तेमाल शुल्क बकाया लगभग 29,856 करोड़ रुपये था, जबकि वोडाफोन आइडिया का 59,236.8 करोड़ रुपये था. रिलायंस जियो इंफोकॉम का लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम इस्तेमाल शुल्क बकाया 406.4 करोड़ रुपये था.

Latest articles

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई खजूरी सड़क टोल प्लाजा के पास वाहन से 27 क्विंटल मावा ज़ब्त

भोपाल आगामी होली त्योहार के अवसर पर आम नागरिकों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों...

श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया

भोपाल कोलार रोड स्थित श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल में विज्ञान दिवस बड़े उत्साह, उमंग और...

राजधानी में अज्ञात कार की टक्कर से नर्सिंग छात्र की मौत

भोपाल राजधानी के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो...

एम्स भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारी ने लगाई फांसी

भोपाल राजधानी के हनुमानगंज थाना क्षेत्र स्थित फूटा मकबरा इलाके में एक 36 वर्षीय युवक...

More like this

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...

खेलो एमपी यूथ गेम्स आगाज, सीएम मोहन यादव ने बढ़ाया उत्साह

भोपाल ।राजधानी में खेलों का महाकुंभ सजीव हो उठा, जब तात्या टोपे स्टेडियम में...

बाबूलाल गौर महाविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर राठौर को किया सम्मानित

बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल भोपाल की जनभागीदारी समिति द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस...