टेंशन! उज्जैन BJP ने शुरू की बाड़ाबंदी, देव-दर्शन को भेजा राजस्थान

उज्जैन

उज्जैन जिला पंचायत में भाजपा को बहुमत तो मिल गया है लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसी के चलते बड़ी रणनीति पर काम करते हुए पार्टी ने बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। पार्टी ने अपने और समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को धार्मिक यात्रा पर राजस्थान भेज दिया है।

दरअसल जिले में 21 जिला पंचायत सदस्यों में से 11 भाजपा के हैं और 3 निर्दलीय भी भाजपा समर्थित हैं। इन सभी सदस्यों को एक रणनीति के तहत देवदर्शन के लिए बाहर भेजा गया है, ताकि ये अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव होने तक किसी के संपर्क या बहकावे में नहीं आएं। यही नहीं, जिले की 6 जनपद पंचायतों के भाजपा के टिकट पर जीते कई सदस्य भी इसी तरह देवदर्शन यात्रा पर गए हैं, जबकि कांग्रेस का तर्क है कि हम अच्छी स्थिति में हैं और हमें कोई चिंता भी नहीं है।

यह है सीटों का गणित
आपको बता दें कि उज्जैन जिला पंचायत के कुल 21 सदस्यों में से 11 भाजपा के और 3 भाजपा समर्थित निर्दलीय हैं। वहीं 5 कांग्रेस से और 2 निर्दलीय कांग्रेस के समर्थन से जीतकर आए हैं। जिला पंचायत में अध्यक्ष बनाने के लिए 11 सदस्यों का बहुमत जरूरी है। लिहाजा भाजपा सतर्कता बरत रही है, क्योंकि वह बहुमत में है। हालांकि भाजपा इसलिए और ज्यादा सावधानी बरत रही है, क्योंकि पिछले जिला पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव के कड़वे अनुभव भी रहे हैं। पिछले पंचायत चुनाव में क्रॉस वोटिंग होने से कांग्रेस का जिला पंचायत अध्यक्ष बन गया था।

पंचायत सदस्यों की बाड़ाबंदी
भाजपा को पिछले चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण जिला पंचायत अध्यक्ष गंवाना पड़ा था, इसलिए भाजपा किसी तरह का रिस्क लेना नहीं चाहती है। धार्मिक यात्रा गए एक सदस्य ने बताया कि सभी 15 जुलाई से ही राजस्थान में रामदेवरा, चित्तौड़ आदि की यात्रा कर रहे हैं। सभी 29 जुलाई की सुबह जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव वाले दिन ही लौटैंगे। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।

चुनाव के कड़वे अनुभव भी रहे हैं, सदस्य टूटने का ज्यादा खतरा भाजपा को
तमाम समीकरणों को राजनीतिक नफे-नुकसान के हिसाब से देखें तो जनपद पंचायत के चुनावी परिणाम में भाजपा को नुकसान और कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है। इससे पहले भाजपा के पास 6 में से 5 जनपद पंचायतें थीं और कांग्रेस के पास अकेली तराना जनपद पंचायत थीं। लिहाजा भाजपा को और ज्यादा नुकसान नहीं झेलना पड़ जाए, इसी खतरे को भांपते हुए पार्टी ने जनपद पंचायत के अपने जीते सदस्यों को भी धार्मिक यात्रा पर रवाना किया है। यह बात अलग है कि सभी सदस्य यात्रा पर नहीं गए हैं या कुछ लौट आए हैं।

27 जुलाई तक लौटेंगे
शेड्यूल के हिसाब से 27 जुलाई को बड़नगर, उज्जैन और खाचरोद जनपद पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए सम्मेलन होगा और 28 जुलाई को घट्टिया, महिदपुर तथा तराना जनपद पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के लिए सम्मेलन होना है। भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला ने बताया कि जिला व जनपद पंचायत के जीते हुए सदस्य देव दर्शन यात्रा पर गए हैं। वे सभी अपनी मर्जी से गए हैं, क्योंकि प्रचार-प्रसार में थक गए थे। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले लौट आएंगे। वहीं कांग्रेस का कहना है कि वह फायदे में है और भाजपा को नुकसान हो रहा है।

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