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Wednesday, April 1, 2026
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कांगो में भारत के दो शांति सैनिकों की गई जान, UN के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन तेज

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किंशासा

कांगो के पूर्वी शहर बुटेम्बो में मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र विरोधी प्रदर्शनों में संयुक्त राष्ट्र के तीन शांति सैनिकों की जान चली गई जिसमें दो भारतीय थे। बुटेम्बो के पुलिस प्रमुख पॉल नगोमा ने बताया कि हिंसा में सात प्रदर्शनकारी भी मारे गए हैं। सोमवार को देश के तनावग्रस्त इलाके में प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि MONUSCO (संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना) हथियारबंद समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल हो रही है।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय सैनिकों के बलिदान पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में बीएसएफ के दो बहादुर भारतीय शांति सैनिकों की शहादत पर गहरा दुख हुआ। वे MONUSCO का हिस्सा थे। इन नृशंस हमलों के अपराधियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।’

शांति सेनाओं की वापसी की मांग
एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह कांगो के पूर्वी शहर गोमा में संयुक्त राष्ट्र के मिशन के खिलाफ प्रदर्शन का दूसरा दिन है। प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को गोमा में संयुक्त राष्ट्र मिशन के कार्यालयों में आग लगा दी और उनमें जबरन घुस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांगो के पूर्वी इलाके में बढ़ती हिंसा के बीच शांति सेनाएं नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल हो रही हैं। उन्होंने कई वर्षों से कांगो में मौजूद संयुक्त राष्ट्र की सेनाओं से देश छोड़कर जाने की मांग की है।

दुनियाभर में तैनात 5400 भारतीय शांति सैनिक
इससे पहले भारतीय सेना ने अफ्रीकी देश कांगो में संयुक्‍त राष्‍ट्र के शांतिरक्षक मिशन के तहत बनाए अपने अड्डे और एक बड़े अस्‍पताल को लूटने के इरादे से आए हथियारबंद नागरिकों के हमले को व‍िफल कर दिया था। भारतीय सेना ने बताया कि सोमवार को कुछ नागरिक हथियारबंद गुट संयुक्‍त राष्‍ट्र की संपत्ति को लूटना चाहते थे। इसके बाद सेना को बचाव के लिए ऐक्‍शन लेना पड़ा। संयुक्‍त राष्‍ट्र की ओर से दुनियाभर में चलाए जा रहे 14 मिशनों में से 8 में भारतीय सैनिक तैनात हैं। वर्तमान समय में व‍िश्‍वभर में भारतीय सेना के 5400 जवान संयुक्‍त राष्‍ट्र के झंडे के तहत व‍िभिन्‍न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात हैं।

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