13.6 C
London
Thursday, May 7, 2026
Homeराज्यआई कयामत! पुल पर जान बचाने भागे लोग, लैंडस्लाइड का रोंगटे खड़े...

आई कयामत! पुल पर जान बचाने भागे लोग, लैंडस्लाइड का रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो

Published on

चंबा

हिमाचल प्रदेश में हजारों टूरिस्ट घूमने आते हैं। ऐसे ही तमाम लोगों की जान उस समय जोखिम में पड़ गई जब चंबा जिले के सलूनी अनुमंडल अंतर्गत कोटी-पुल के पास अचानक भूस्खलन हुआ। लैंड स्लाइड का मलबा गिरता देख लोग पुल से जान बचाकर भागे। इस दौरान वहां हड़कंप मच गया। भालेयी-कोटि मार्ग पर भारी मलबा गिरने से मार्ग अवरूद्ध हो गया।

शुरुआत में पहाड़ी से बहुत कम मात्रा में मलबा गिरने लगा और कुछ ही समय में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूट कर सड़क पर गिर गया। जब पहाड़ी का हिस्सा नीचे गिरा तो उस समय कोटी पुल पर एक दर्जन से अधिक लोग गुजर रहे थे, जो जीवन को संकट में देखकर पुल के दूसरी ओर भागे। पुल से कुछ दूरी पर मलबा गिरा। अगर पुल पर मलबा गिरता तो यह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता था, साथ ही इसके ऊपर से गुजरने वाले लोगों की जान को भी खतरा हो सकता था।

Latest articles

भोपाल में नकली नोट सप्लाई करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, पाकिस्तानी कागज़ पर छपे, UK-सीरीज़ के फ़ोन नंबर का इस्तेमाल किया

भोपाल। भोपाल की कोहेफ़िज़ा पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक युवक को गिरफ्तार किया...

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का चक्काजाम, ग्वालियर-मुरैना में कई कांग्रेसी गिरफ्तार

भिंड के कांग्रेस नेता और आरक्षक में झड़प, शाजापुर में ट्रैक्टर को लेकर पुलिस-कार्यकर्ताओं...

सेहत के लिए वरदान है कच्ची हल्दी, रोज़ाना सेवन से कैंसर सहित कई बीमारियों का खतरा हो सकता है कम

Turmeric benefits: कच्ची हल्दी स्वास्थ्य के लिए वरदान की तरह माना गया है। कच्ची...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...