रतन टाटा को कुछ यूं याद आए झुनझुनवाला.. इंडस्ट्री के तमाम दिग्गज शेयर कर रहे उनसे जुड़ी यादें

नई दिल्ली

शेयर बाजार के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के निधन पर आज हर कोई उन्हें याद कर रहा है। औद्योगिक जगत के दिग्गज भी उनके साथ की अपनी यादें शेयर कर रहे हैं। टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा  ने भी झुनझुनवाला को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा, ‘झुनझुनवाला को हमेशा बाजारों के बारे में उनकी गहरी समझ के साथ-साथ उनके हंसमुख व्यक्तित्व, दयालुता और दूरदर्शिता के लिए याद किया जाएगा।’ झुनझुनवाला ने तीन दर्जन से अधिक कंपनियों में निवेश किया था, जिनमें टाटा समूह की इकाई टाइटन भी शामिल है। इसके अलावा उनके पोर्टफोलियो में स्टार हेल्थ, रैलिस इंडिया, एस्कॉर्ट्स, केनरा बैंक, इंडियन होटल्स कंपनी, एग्रो टेक फूड्स, नजारा टेक्नोलॉजीज और टाटा मोटर्स भी शामिल रही हैं।

वहीं, गौतम अडानी ने एक ट्वीट में कहा कि भारत के सबसे महान निवेशक के असामयिक निधन से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने कहा, “झुनझुनवाला ने अपने शानदार विचारों से एक पूरी पीढ़ी को हमारे इक्विटी बाजारों में विश्वास करने के लिए प्रेरित किया। मैं और देश उन्हें सदैव याद रखेंगे।”

देश की ग्रोथ को लेकर था खूब विश्वास
झुनझुनवाला के निधन पर बाजार विश्लेषकों ने शोक जताते हुए कहा है कि उनका देश की वृद्धि की कहानी पर काफी भरोसा था। उनके भीतर मौजूद ऊर्जा उन्हें खास बनाती थी। जेरोधा के संस्थापक निखिल कामत ने ट्वीट किया, ‘‘आप जैसा कोई कभी भी देखने को नहीं मिलेगा।’’एक्सिस सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) बी गोपकुमार ने कहा, ‘‘वह टीवी स्टूडियो में जैसी ऊर्जा लाते थे, उसके लिए उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि भारत की वृद्धि की कहानी में उन्हें पूरा भरोसा था। उन्होंने हमेशा यह साबित किया कि यदि कोई व्यक्ति अच्छी कंपनियों में अपना निवेश बनाए रखता है, तो उसकी संपत्ति बढ़ना निश्चित है।

झुनझुनवाला की स्पीच जगा देती थी भरोसा
एक अन्य विशेषज्ञ संदीप पारेख ने कहा कि झुनझुनवाला ऐसी हस्ती थे, जिनके भाषण सुनकर ऐसे लोगों को भी देश की वृद्धि की कहानी में भरोसा हो जाता था, जो ऐसा नहीं मानते थे। एंबिट एसेट मैनेजमेंट के सीईओ सुशांत भंसाली ने कहा कि झुनझुनवाला भारत की कहानी में सबसे अधिक भरोसा करने वाले लोगों में से एक थे। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार, झुनझुनवाला और उनसे संबद्ध इकाइयों के पास जून, 2022 तक सार्वजनिक रूप से 32 कंपनियों के शेयर थे, जिनका नेटवर्थ 31,905 करोड़ रुपये था।

कोई नहीं डिगा पाया बाजार को लेकर भरोसा
एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंज मेंबर्स ऑफ इंडिया (ANMI) के अध्यक्ष कमलेश शाह ने कहा कि झुनझुनवाला को एक ऐसी दूरदृष्टि की सोच वाले निवेशक के रूप में याद किया जाएगा, जिनका बाजार के प्रति भरोसा कोई भी डिगा नहीं सकता था। रिलायंस सिक्योरिटीज के प्रमुख (खुदरा ब्रोकिंग एवं वितरण) निशांत श्रीवास्तव ने कहा, ‘झुनझुनवाला सर्वश्रेष्ठ निवेशकों में से थे, जिनका भारत की वृद्धि की कहानी में हमेशा ही विश्वास रहा।’

एकनाथ शिंदे ने कही यह बात
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य नेताओं ने भी झुनझुनवाला के निधन पर शोक जताया है। शिंदे ने ट्वीट किया कि भारत ने एक ऐसा रत्न खो दिया है, जिसने न केवल शेयर बाजार पर बल्कि भारत के लगभग हर निवेशक के दिमाग पर बेहतर छाप छोड़ी है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारतीय उद्योग में झुनझुनवाला के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। फडणवीस ने एक ट्वीट में कहा, “राकेश झुनझुनवाला जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। भारतीय उद्योग और आर्थिक विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।”

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