9.2 C
London
Sunday, April 12, 2026
Homeराज्यपहले केसीआर और अब सोनिया, दिल्ली दरबार से नया गेम खेलने की...

पहले केसीआर और अब सोनिया, दिल्ली दरबार से नया गेम खेलने की तैयारी में नीतीश

Published on

पटना

2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एकजुटता से टक्कर देने के लिए विपक्षी एकता की बढ़ती मांग के बीच , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विदेश से लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने वाले हैं। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने शुक्रवार को इसका खुलासा किया। पीएम का चेहरा घोषित करने को लेकर विपक्षी खेमे में बढ़ रही गतिविधियों के हिसाब से इसे बड़ा कदम बनाया जा रहा है। हाल ही में पटना में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि ‘अन्य सभी विपक्षी दल गायब हो जाएंगे और देश में केवल बीजेपी ही मौजूद रहेगी।’

सोनिया से मिलेंगे नीतीश
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी बैठक अगले हफ्ते की शुरुआत में ही होनी थी लेकिन अचानक सोनियाबीमार पड़ गई और उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए विदेश जाना पड़ा। इसी बीत सोनिया की मां पाओला माइनो का इटली में निधन हो गया। इससे उनकी भारत वापसी में और देरी हो सकती है। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने कहा, ‘विदेश दौरे से लौटने के बाद नीतीश कुमार सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। उन्हें चर्चा करनी है कि कैसे बिखरी हुई धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एक साथ लाया जाए और अगले आम चुनाव में बीजेपी को कड़ी चुनौती दी जाए।’

बिहार में महागठबंधन सरकार बनवाने में सोनिया की अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि अगर बिखरी हुई धर्मनिरपेक्ष ताकतें हाथ मिला लें तो बीजेपी को आसानी से सत्ता से उखाड़ फेंका जा सकता है। शर्मा ने कहा कि दोनों नेता इस बारे में रणनीति पर भी चर्चा करेंगे कि कैसे एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जाए और लड़ाई को तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाए। सोनिया और नीतीश के बीच यह पहली बैठक होगी क्योंकि पिछले महीने लालू प्रसाद की आरजेडी, कांग्रेस और पांच अन्य पार्टियों के साथ नई सरकार बनाने के लिए बाद में बीजेपी से अलग हो गए थे। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि सोनिया ही थीं जिन्होंने बिहार में महागठबंधन सरकार के गठन में ‘मध्यस्थ’ की भूमिका निभाई थी।

पहले KCR और अब सोनिया
इतने सारे पीएम उम्मीदवारों के साथ विपक्ष के अभियान को बढ़ावा मिला जब तेलंगाना के सीएम और टीआरएस प्रमुख के चंद्रशेखर राव ने 31 अगस्त को पटना का दौरा किया और अगले लोकसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा करने के लिए नीतीश और लालू दोनों से मुलाकात की। हालांकि, जिस तरह से बीजेपी नेतृत्व ने अपना ध्यान बिहार पर केंद्रित किया है, उससे सत्तारूढ़ गठबंधन में हड़कंप मच गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा 23 सितंबर से राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं और मुस्लिम आबादी वाले सीमांचल क्षेत्र में रैलियां करेंगे। पिछले दो महीनों में यह दूसरी बार है जब दोनों ही बिहार का दौरा करेंगे।

 

Latest articles

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह

किसानों के श्रम से देश का खाद्यान्न निर्यात हुआ दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...

कस्तूरबा चिकित्सालय के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल स्थित कस्तूरबा चिकित्सालय के नवीनीकृत भवन का...

बीएचईएल के अधिकारी को एचईसी में अतिरिक्त प्रभार

नई दिल्ली/रांची। Ministry of Heavy Industries के आदेश के तहत Krishnendu Kumar Ghosh को...

More like this

सीएम विष्णु देव साय ने किया “बिरहोर जननायक” पुस्तक का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय...

कृषि क्षेत्र के सशक्त इकोसिस्टम के लिए प्रतिबद्ध सरकार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (ग्राम 2026) के कर्टेन रेज़र...

पीएम मोदी 21 अप्रैल को करेंगे बालोतरा का दौरा, देश के पहले इंटीग्रेटेड रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का होगा शुभारंभ

जयपुर/बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को प्रस्तावित अपनी बालोतरा यात्रा के दौरान...