15.4 C
London
Friday, March 20, 2026
HomeUncategorizedAir India के बाद इन 4 कंपनियों को बेचने की तैयारी, बिडर्स...

Air India के बाद इन 4 कंपनियों को बेचने की तैयारी, बिडर्स के साथ बातचीत शुरू

Published on

नई दिल्ली,

एअर इंडिया को टाटा ग्रुप के हाथों बेचने के बाद, सरकार ने अब इसकी सब्सिडियरी कंपनियों को भी बेचने के प्लान पर काम शुरू कर दिया है. सरकार ने बर्ड ग्रुप, सेलेबी एविएशन और आई स्क्वायर्ड कैपिटल सहित संभावित बिडर्स के साथ बातचीत शुरू कर दी है. एअर इंडिया की चार सब्सिडियरी कंपनियां- एअर इंडिया एअर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड , एयरलाइन एलाइड सर्विसेज लिमिटेड या एलायंस एअर, एअर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेडऔर होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (HCI) हैं.

मिल चुकी है कैबिनेट की मंजूरी
एक अधिकारी ने बिजनेस टुडे को बताया कि संभावित बोलीदाताओं के साथ प्लान पर काम शुरू कर दिया गया है. सभी सहायक कंपनियों को बेचने के लिए हमारे पास पहले से ही कैबिनेट की मंजूरी है. सूत्र बताते हैं कि बर्ड ग्रुप, सेलेबी एविएशन और आई स्क्वेयर्ड कैपिटल ने AITSL के अधिग्रहण में दिलचस्पी दिखाई है. एक अधिकारी ने कहा- ‘हम पिछले कुछ समय से बर्ड ग्रुप के संपर्क में हैं. हमारी योजना सहायक कंपनियों को मोनेटाइज कर देनदारियों को जल्द से निपटाने की है. क्योंकि बकाया कर्ज और बढ़ रहा है.’

बिडर्स कंपनियां
बर्ड ग्रुप दिल्ली से बाहर स्थित सबसे बड़ी थर्ड-पार्टी ग्राउंड हैंडलिंग कंपनियों में से एक है. सेलेबी एविएशन होल्डिंग तुर्की बेस्ड एक ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी है और आई स्क्वेयर्ड कैपिटल एक निजी इक्विटी फर्म है, जो ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर फोकस कर रही है. केंद्र सरकार ने इस साल की शुरुआत में एअर इंडिया के स्वामित्व को टाटा समूह को ट्रांसफर कर दिया था. टाटा समूह ने 27 जनवरी को एअर इंडिया की कमान अपने हाथों में लिया था.

एअर इंडिया पर कितना था कर्ज
जिस वक्त एअर इंडिया का मालिकाना हक टाटा समूह को मिला था, उस वक्त इस एयरलाइन पर 52 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था. टाटा सन्स ने 2020 में नीलामी में एअर इंडिया के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. इसमें से उसने 2,700 करोड़ रुपये नकद दिए थे और 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज था. बाकी का कर्ज सरकार को चुकाना था.

सरकार का मनीटाइजेशन प्लान
सरकार ने खजाने को भरने के लिए पिछले साल 6 लाख करोड़ रुपये की नेशनल मनीटाइजेशन पाइपलाइन का ऐलान किया था. हाल ही में सरकार ने संसद में बताया था कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY 22-23) में विभिन्न बुनियादी संरचनाओं से 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक रकम जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

 

Latest articles

भेल के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर कार्यमुक्त, अब एनएमडीसी में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की महारत्न कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) में एक...

भेल की बोर्ड बैठक में बड़ा फैसला: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव के लिए टिटागढ़ रेल के साथ बनेगा नया जॉइंट वेंचर

नई दिल्ली | देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी, भारत हैवी...

भेल में श्रीमति गौर ने कहा कि बाबूजी बीएमएस के फाउंडर,मैं भी इस परिवार की मेंम्बर

दैनिक राजधानी पॉवर,भोपाल भारतीय मजदूर संघ  से संबद्ध हेवु  द्वारा गुरुवार,को हिंदू नववर्ष, चैत्र शुक्ल...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी नव संवत्सर और राजस्थान दिवस की शुभकामनाएं; प्रदेशभर में उत्साह का माहौल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को नव संवत्सर, चैत्र नवरात्र स्थापना (19 मार्च) और...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...