17.9 C
London
Tuesday, May 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसूडान में जान की कोई कीमत नहीं? दो दिनों की 'जंग' में...

सूडान में जान की कोई कीमत नहीं? दो दिनों की ‘जंग’ में कम से कम 220 लोगों की मौत, कर्फ्यू का ऐलान

Published on

काहिरा

सूडान के दक्षिण में आदिवासियों के बीच दो दिनों के संघर्ष के बाद कम से कम 220 लोग मारे गए है। यह हाल के वर्षों में सबसे घातक आदिवासी संघर्षों में से एक है। इस अशांति ने नागरिक संघर्ष और राजनीतिक अराजकता में फंसे इस अफ्रीकी देश के संकट को और बढ़ा दिया है। यह संघर्ष देश के ब्लू नाइल प्रांत में हौसा जनजाति और बर्टा लोगों के बीच हुआ। ब्लू नाइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक फत अर्रहमान बखेत के अनुसार, इथियोपिया की सीमा पर वाड अल-माही शहर में बुधवार और गुरुवार को तनाव बढ़ गया। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात तक कम से कम 220 लोगों की मौत हुई थी और यह संख्या बहुत अधिक हो सकती है क्योंकि चिकित्सा दल संघर्ष के केंद्र तक नहीं पहुंच पाए हैं।

हर जगह बिखरे पड़े हैं लोगों के शव
बखेत ने कहा कि पहला मानवीय और चिकित्सा काफिला स्थिति का आकलन करने के लिए शनिवार देर रात वाड अल-माही पहुंचा। उन्होंने घटनास्थल पर बड़ी संख्या में शवों को पड़े देखा। दर्जनों लोग घायल अवस्था में मदद का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी झड़पों में हर कोई हारता ही है। हमें उम्मीद है कि यह जल्द ही समाप्त हो जाएगा और फिर कभी नहीं होगा, लेकिन हमें उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मजबूत राजनीतिक, सुरक्षा और नागरिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

7000 लोग घर छोड़कर दूसरे शहर भागे
घटनास्थल के कुछ वायरल फुटेज में जले हुए घर और शवों को दिखाया गया है। कुछ दूसरी फुटेज में महिलाओं और बच्चों को पैदल भागते हुए दिखाया गया। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, लड़ाई में सैकड़ों घर जला दिए गए हैं, जिससे लगभग 7,000 लोग विस्थापित हो गए हैं। इनमें से अधिकतर लोग रूसियारिस शहर की तरफ भागे हैं। इस साल देश भर में आदिवासी हिंसा और अन्य हमलों से कुल मिलाकर लगभग 211,000 लोग विस्थापित हुए हैं।

सूडान सरकार ने लगाया कर्फ्यू
सूडानी सरकार ने वद अल-माही में रात के समय कर्फ्यू का आदेश दिया और क्षेत्र में सैनिकों को तैनात किया है। सरकारी SUNA समाचार एजेंसी ने बताया कि सरकार ने लड़ाई की जांच के लिए एक स्पेशल टीम भी बनाई है। स्थानीय लोग सरकार की प्रतिक्रिया से नाखुश हैं। वे लोग स्थिति से निपटने में नाकाम रहने पर राज्यपाल से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का दावा है कि सुरक्षा बल निष्पक्ष नहीं रहे हैं और उनमें से कुछ ने संघर्ष में पक्ष लिया है।

Latest articles

लू और भीषण गर्मी से करना है तौबा तो पीएं पुदीना-सत्तू का शरबत, जानें इसे बनाने का आसान तरीका?

गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और अंदर से ठंडा रखना और लू...

अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम घोषित; प्रिंस और गुरनूर को मिला मौका

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी...

मप्र में आसमान से बरस रही आग, 46 डिग्री पार पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर समेत कई शहर लू की चपेट में

भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है।...

महंगाई की फिर मार: पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे और बढ़े, 4 दिन पहले 3-3 रुपए बढ़ाए थे

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल 19 मई से औसतन 90 पैसे प्रति...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...