8.2 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराज्यआखिर चली गई आजम खान की विधायकी, स्पीकर सतीश महाना ने रद्द...

आखिर चली गई आजम खान की विधायकी, स्पीकर सतीश महाना ने रद्द की विधानसभा सदस्यता

Published on

लखनऊ

रामपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शुक्रवार को आजम खान की विधानसभा की सदस्यता रद्द की है। आजम खान को साल 2019 के हेट स्पीच मामले में गुरुवार को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया था। उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, आजम खान को तुरंत जमानत भी मिल गई थी। तभी से माना जा रहा था कि आजम खान की विधायकी जा सकती है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के फैसले के बाद अब इस पर मुहर लग गई है। रामपुर विधानसभा सीट रिक्त कर दी गई है। बता दें कि हालिया विधानसभा चुनाव में जेल में रहते हुए आजम खान ने रामपुर से जीत हासिल की थी। उन्होंने विधायकी को बरकरार रखा था और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जगह पर हुए उपचुनाव में सपा के हाथ से यह सीट निकल गई थी और बीजेपी को जीत मिली थी।

कौन होगा आजम का उत्तराधिकारी?
आजम खान की विधायकी रद्द होने के बाद यूपी के राजनीतिक गलियारे में इन चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है कि रामपुर सदर सीट से आजम खान का उत्‍तराधिकारी कौन होगा? सिदरा अदीब आजम खान के बड़े बेटे अदीब खान की बीवी हैं, जिनका नाम भी रामपुर से चुनाव लड़ने को लेकर लिया जा रहा है। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं। इसके अलावा आसिम रजा को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। वह हाल ही में लोकसभा चुनाव में सपा के प्रत्याशी रह चुके हैं। उन्हें आजम का करीबी माना जाता है।

बता दें कि जिस मामले में आजम खान दोषी करार दिए गए हैं, वह साल 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा केस है। रामपुर की मिलक विधानसभा में खान ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 27 अक्टूबर को इस मामले पर फैसला सुनाते हुए रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान को दोषी करार दिया है। उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई है।

क्या है नियम?
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा हुई है तो ऐसे में उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों पर लागू होता है। यह फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8 (4) निरस्त कर दिया था। यह धारा आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद सांसदों, विधायकों को संरक्षण प्रदान करती थी।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...