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युवक की आंख फोड़कर तोड़े थे हाथ-पैर, फिर 70 हजार में बेचा था; भिखारी गैंग के दो लोग अरेस्ट

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कानपुर

यूपी के कानपुर में भिखारी गैंग सक्रिय है। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने भिखारी गैंग का पर्दाफाश करते हुए, दो सदस्यों को अरेस्ट किया है। मां-बेटे ने पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को ले जाते थे। उन्हे शारीरिक यातनाएं देकर भिखारी बनाते थे। दिव्यांग बनाने के बाद बड़े शहरों के रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़-भाड़ वाले बाजारों, चौराहों पर भीख मंगवाते थे। इन भिखारियों से गैंग के सदस्य प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार की कमाई करते थे। इसके साथ ही भिखारी गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं।

कानुपर में भिखारी गैंग का सरगना विजय नागर नौबस्ता यशोदा नगर निवासी सुरेश मांझी को काम दिलाने के बहाने साथ ले गए था। विजय ने सुरेश को बंधक बनाकर उसके हाथ पैर के पंजों को तोड़ दिया। आंखों में केमिकल डालकर उसे अंधा कर दिया। शरीर को गर्म रॉड से दागा गया और चापड़ से दाड़ काट दी गई। इसके बाद उसे दिल्ली में भिखारी गैंग के हाथों 70 हजार में बेच दिया गया था। बीते शुक्रवार रात एक राहगीर की मदद से पीड़ित घर पहुंचा तो चौकाने वाला खुलासा हुआ था। पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

विजय ने किया था अंधा
डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि पीड़ित सुरेश मांझी मूलरूप से बिहार के सिवान पिपरा गांव का रहने वाला है। नौबस्ता मछरिया गुलाबी बिल्डिंग के पास रहने वाला विजय नागर सुरेश को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया था। विजय ने एक रिश्तेदार के घर पर सुरेश को बंधक बनाकर रखा था। पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्त राज नागर और उसकी मां आशा देवी ने बताया है कि विजय ने पीड़ित सुरेश की आंखों में केमिकल डाला था। जिसकी वजह से उसकी आंख की रोशनी चली गई। इसके साथ ही अन्य शारीरिक यातनाएं देकर दिल्ली के नागलोई में भीख मांगने वाले गैंग के हाथों 70 हजार में बेंच दिया था।

राज दिल्ली में तो विजय कानपुर में संभालता था काम
पुलिस ने राज नागर की मां को किदवई नगर नटवन टोला से अरेस्ट किया है। इसके साथ ही पुलिस ने विजय नागर की मां, रिश्तेदार समेत दो अन्य दो लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। विजय की मां ने भी इस बात को कुबूल किया है कि विजय पीड़ित सुरेश मांझी को लेकर दिल्ली गया था। इससे पहले भी विजय एक युवक को दिल्ली लेकर जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 325, 326, 328, 342, 370 में विजय नागर, राज नागर, आशा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस विजय नागर समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

दिल्ली पुलिस के साथ करेगी जांच
डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि दिल्ली नागलोई क्षेत्र में बड़ी संख्या में भिक्षावृति का काम होता है। नागलोई बस्ती में सैकड़ो परिवार रहते हैं, जो यही काम करते हैं। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर वहां लोगों से बात करेगी। भिक्षावृति करने वाले लोग किसी गैंग के दबाव में तो यह काम नहीं कर रहे हैं। इसके साथ इस गैंग का पर्दाफाश किया जाएगा।

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