वह कपड़े उतारने को कहते… मुरुगा के मठ में थी ‘पाप की दुनिया’, पीड़‍िता की खौफनाक आपबीती पढ़‍िए

बेंगलुरु

कर्नाटक के लिंगायत संत शिवमूर्ति मुरुगा शरणारू के खिलाफ पुलिस की चार्जशीट के पन्नों में खौफनाक आपबीतियां दर्ज हैं। मुरुगा ने मठ में पाप की एक ऐसी दुनिया खड़ी की थी, जिसका शिकार कई लड़कियां हुईं। 2013 से 2015 के बीच मुरुगा ने कई नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया। उस वक्‍त 13 वर्ष की रही एक बच्‍ची का बार-बार बलात्‍कार किया, यह बात चार्जशीट में दर्ज है। पुलिस ने पीड़‍िता की पूरी आपबीती सामने रखी है। चार्जशीट के मुताबिक, 64 साल का मुरुगा सबके सो जाने के बाद पीड़‍िता को अपने कमरे में बुलाता था। फिर उनका रेप करता और सबके जागने से पहले चले जाने को कहता।

27 अगस्‍त को FIR दर्ज करने के हफ्ते भर बाद पुलिस ने मुरुगा को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह चित्रदुर्ग जेल में बंद है। उनपर POCSO लगाया गया है। 27 अक्‍टूबर को पुलिस ने सेशन्स कोर्ट के सामने 694 पन्‍नों की चार्जशीट दायर की। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्‍तान टाइम्‍स ने सूत्रों के हवाले से चार्जशीट के कुछ हिस्‍से छापे हैं। शरणारू पर जगदगुरु मुरुगाराजेंद्र विद्यापीठ मठ के स्‍कूल में पढ़ने वाली दो लड़कियों के यौन शोषण का आरोप है। पुलिस ने चार्जशीट में हॉस्‍टल वार्डन रश्मि, हॉस्‍टल प्रमुख परम शिवैया का भी नाम दिया है।

चार्जशीट के अनुसार, पीड़‍िता ने बताया कि कैसे संत रोज अपने कमरे में बुलाकर उसका रेप करते थे। फिर सुबह 4.30-5 बजे के बीच वापस हॉस्‍टल भेज दिया जाता था। पीड़‍िता ने पुलिस को बताया, ‘2012 में एक बीमारी के चलते मेरी मां गुजर गईं। मैं सातवीं क्‍लास में पढ़ रही थी… मेरे पिता ने मुझे मुरुगा मठ के प्रियदर्शिनी हाई स्‍कूल में भर्ती कराया जहां मैं अक्‍का महादेवी हॉस्‍टल में रहती थी।’

तब 13 साल की थी पीड़‍िता, आपबीती पढ़‍िए
694 पन्‍नों की चार्जशीट में पीड़‍िता कहती है, ‘रश्मि मुझे रात 9 बजे के बाद संत के कमरे से फल और पैसे लाने को कहती थी। दो-तीन बार मैं एक और लड़की के साथ गई फिर उसने जाने से मना कर दिया। डिनर के बाद जब सब सो जाते थे तब मैं पीछे के दरवाजे से उनके कमरे में जाती थी। वह मुझे ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट देते। पूछते कि किसी ने आते देखा तो नहीं। फिर वह मुझसे कपड़े उतारने को कहते। वह अपने कपड़े भी उतार देते थे। वह मुझे अपनी गोद में बिठाते और गंदे तरीके से मेरे प्राइवेट पार्ट्स छूते और फिर सेक्‍स करते।’

पीड़‍िता के मुताबिक, हॉस्‍टल का गेट बंद रहता था। उसे विजयम्‍मा नाम के सिक्‍योरिटी गार्ड से चाबियां लेनी पड़ती थी। चार्जशीट के मुताबिक, पीड़‍िता ने अपने बयान में कहा कि उसे याद नहीं कि संत ने कितनी बार उसे बुलाया।

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