19 C
London
Tuesday, June 16, 2026
Homeराष्ट्रीय'कुछ देशों ने आतंकवाद को स्‍टेट पॉलिसी बना लिया है...', अमित शाह...

‘कुछ देशों ने आतंकवाद को स्‍टेट पॉलिसी बना लिया है…’, अमित शाह ने PAK पर साधा निशाना

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कोई भी देश अकेले आतंकवाद को नहीं हरा सकता। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तेजी से जटिल और व्यापक होते इस खतरे से निपटने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करते रहना होगा। आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आयोजित तीसरे ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि कुछ देश और उनकी एजेंसी ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति बना लिया है।शाह ने कहा, ‘इन आतंकी पनाहगाहों में बेलगाम गतिविधियों पर रोक लगानी जरूरी है। सभी देशों को अपने भू-राजनीतिक हितों से ऊपर उठना होगा।’

उन्होंने कहा कि कुछ देश बार-बार आतंकवादियों और आतंकवाद को पनाह देने वालों का समर्थन करते हैं।गृह मंत्री ने कहा, ‘मेरा मानना है कि आतंकवाद की कोई अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होती, इसलिए सभी देशों को राजनीति से परे सोचते हुए एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए।’उन्होंने आतंकवाद के इस ‘सीमारहित खतरे’ को हराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच खुफिया जानकारी साझा करने में पारदर्शिता का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘हमारी पहली प्रतिबद्धता पारदर्शिता के साथ सहयोग की होनी चाहिए। सभी देशों, सभी संगठनों को बेहतर और अधिक प्रभावी तरीके से खुफिया जानकारी साझा करने में पूर्ण पारदर्शिता की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए।’युवाओं में कट्टरता को बढ़ावा देने वाले एक संगठन के खिलाफ भारत की कार्रवाई का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि हर देश को ऐसे संगठनों की पहचान करनी चाहिए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद और आतंकवादी समूहों के खिलाफ, हर भौगोलिक क्षेत्र में, हर आभासी क्षेत्र में यह जंग लड़नी है।

उन्होंने कहा, ‘भारत ने इस अनूठी पहल एनएमएफटी (नो मनी फॉर टेरर) को जारी रखने की आवश्यकता को महसूस किया है, ताकि आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर निरंतर वैश्विक ध्यान केंद्रित किया जा सके। स्थायी सचिवालय की स्थापना का समय आ गया है।’शाह ने कहा कि भारत में इसे स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है।उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए दृष्टिकोण पांच स्तंभों पर आधारित होना चाहिए, जिसके तहत सभी खुफिया और जांच एजेंसियों के बीच सहयोग, समन्वय और सहभागिता कायम करके व्यापक निगरानी ढांचा तैयार किया जाना चाहिए।

Latest articles

मध्य प्रदेश पुलिस पर बड़ा एक्शन: दो टीआई समेत 100 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज

आगर मालवा। मध्य प्रदेश के आगर मालवा पुलिस की राजस्थान के डग क्षेत्र में...

नीट री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक, 22 जून तक पाबंदियां

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने...

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य, संवेदनशीलता और निष्पक्षता से करें कार्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास...

राजस्थान में कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ टैक्स फ्री घोषित

जयपुर। राजस्थान सरकार ने बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत अभिनीत हालिया रिलीज फिल्म...

More like this

नीट री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक, 22 जून तक पाबंदियां

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने...

एनटीपीसी के नए सीएमडी चयन की प्रक्रिया तेज, 18 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट

नई दिल्ली/भोपाल। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक और सरकारी स्वामित्व वाली महारत्न कंपनी...

प्रशांत महासागर में सक्रिय हुआ ‘सुपर अल नीनो’, भारत के लिए बढ़ी चिंता, सूखे की आशंका 60 फीसदी

नई दिल्ली/भोपाल। अमेरिकी मौसम एजेंसी एनओएए (NOAA) ने प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' के...