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Saturday, April 25, 2026
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1 करोड़ रुपये का पान हो गया बर्बाद, उत्तर प्रदेश के महोबा में हैरान करने वाला ये माजरा क्या है?

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महोबा

उत्तर प्रदेश के महोबा में इस बार कोहरे और पाले की मार से पान की खेती को बड़ा झटका लगा है। इससे किसानों में हाहाकार मचा हुआ है। कोहरे के कारण किसानों के 1 करोड़ रुपये कीमत के पान बर्बाद हो गए है। बुंदेलखंड का महोबा पान की खेती के लिए विख्यात है। करीब ढाई दशक पहले 600 एकड़ में किसान पान की खेती करते थे, मगर अब इसकी खेती का क्षेत्रफल घटा है। बताते है कि देशी पान की खेती करने वाले सैकड़ों किसान पिछले एक दशक से दैवीय आपदा की मार झेल रहा है, लेकिन इस बार कई हफ्ते तक लगातार कोहरा पड़ने से पान की खेती को अस्सी फीसदी नुकसान पहुंचा है। पान की खेती करने वाले कल्लू चौरसिया, श्याम बाबू, राजा चौरसिया, संतोष कुमार, नरेश चन्द्र, बबलू और सुन्दरलाल सहित तमाम किसानों ने बताया कि इस साल पैसे की जुगाड़ करके पान की खेती की थी, लेकिन लगातार कोहरा पड़ने से खेतों में पान चौपट हो गए है।

किसानों ने बताया कि अस्सी फीसदी पान कोहरे के कारण बर्बाद हो गए है। राजा चौरसिया ने बताया कि 1200 एकड़ में पान की खेती की थी, मगर इस बार पान दैवीय आपदा की भेंट चढ़ गए है। श्याम बाबू ने भी 1100 एकड़ में पान की खेती काफी समय से कर रहे है, जिन्हें कोहरा के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इधर जिला उद्यान अधिकारी महोबा डॉ. रमेश पाठक ने बताया कि महोबा में 139 किसान पान की खेती कर रहे है। तीन सौ से ज्यादा एकड़ में इसकी खेती होती है। बताया कि इस बार लगातार कोहरा पड़ने के कारण पान बड़ा झटका लगा है। महोबा का पान देश और विदेश में भी निर्यात होता है।

पान की खेती का घटा क्षेत्रफल, 30 एकड़ में होती है खेती
महोबा में खुशहाल जीवन जीने के लिए शुरू में किसान 600 एकड़ में पान की खेती करते थे। मगर हर साल दैवीय आपदा आने से अब इसकी खेती का रकबा भी घट गया है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि महोबा और आसपास के इलाकों में किसानों ने देशावरी पान की खेती कर अपनी किस्मत चमकाई है, लेकिन इस बार उन्हें कोहरे के कारण बड़ा नुकसान पहुंचा है। बताया कि मौजूदा में 139 किसान पान की खेती कर रहे है, जिनमें 35 किसानों को एक हजार वर्ग मीटर में पान की खेती करने पर 50,453 रुपये का अनुदान डिपार्टमेंट से दिया गया है। बताया कि ज्यादातर किसान किराए पर जमीन लेकर पान की खेती करते है। इन्हें भी सरकारी अनुदान देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।

डिपार्टमेंट ने की नई तकनीक से पान की खेती की तैयारी
महोबा में पान शोथ केंद्र में पान की खेती करने वाले किसानों को डिपार्टमेंट ने प्रशिक्षण देकर नई तकनीक से खेती करने के गुर सिखाए है। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. रमेश पाठक ने कहा कि बदलते मौसम में नई तकनीक से पान की खेती अब किसानों को करनी होगी। नई तरीके और वैज्ञानिक सलाह से पान की खेती करने पर इसका उत्पादन भी बढ़ेगा। पान अनुसंधान केन्द्र के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. रामसेवक चौरसिया ने कहा कि शासन पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं शुरू की है। महोबा में योजनाओं का लाभ किसानों को तभी मिलेगा जब किसान संगठन बनाएंगे। यदि किसान अपना संगठन तैयार करेगा तो भारत सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें पान की खेती के लिए जरूर मिलेगा।

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