नई दिल्ली
आम लोगों के पैसे या चंदे की मदद से बनी एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की फैक्ट फाइंडिंग टीम के तीन सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने केस (FIR) दर्ज किया है। ये तीनों पत्रकार हालिया जातीय संघर्ष की मीडिया रिपोर्टों को देखने के लिए मणिपुर गए थे। FIR में आरोप लगाया गया है कि EGI की टीम द्वारा पेश की गई रिपोर्ट “झूठी, मनगढ़ंत और प्रायोजित” है।
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने जारी किया मणिपुर रिपोर्ट, राज्य सरकार पर उठाए सवाल
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) ने शनिवार को जारी मणिपुर रिपोर्ट में कहा कि इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि जातीय संघर्ष के दौरान राज्य का नेतृत्व पक्षपातपूर्ण हो गया। रिपोर्ट में अपने निष्कर्ष सारांश में राज्य के नेतृत्व पर कई टिप्पणियों के बीच कहा गया है, “इसे जातीय संघर्ष में पक्ष लेने से बचना चाहिए था, लेकिन यह एक लोकतांत्रिक सरकार के रूप में अपना कर्तव्य निभाने में विफल रही, इसे पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करना चाहिए था।”
EGI ने मणिपुर रिपोर्ट में वन विभाग के जल रहे एक कार्यालय को बताया कुकी हाउस
इंफाल स्थित सामाजिक कार्यकर्ता एन शरत सिंह ने 7 से 10 अगस्त तक मणिपुर आए तीन पत्रकारों सीमा गुहा, संजय कपूर और भारत भूषण के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई है। एफआईआर में के रूप में ईजीआई अध्यक्ष का भी आरोपी जिक्र किया गया है। एफआईआर में कहा गया है कि ईजीआई की मणिपुर रिपोर्ट में चुराचांदपुर जिले में एक जलती हुई इमारत की तस्वीर के लिए “कुकी हाउस” के रूप में कैप्शन दिया गया है। जबकि, इमारत वन विभाग का एक कार्यालय था जिसमें 3 मई को एक भीड़ ने आग लगा दी थी।
इस मामले में एक पुलिसकर्मी, उप-निरीक्षक जंगखोलाल किपगेन द्वारा 3 मई की शाम को दर्ज की गई एक प्राथमिकी (FIR) में कहा गया है कि “बड़ी संख्या में गुस्साई भीड़” ने वन विभाग के कार्यालय को “आग या विस्फोटक पदार्थों” से तबाह कर दिया था। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मैतेइयों की मांग को लेकर घाटी में बहुसंख्यक कुकी जनजातियाँ उनके खिलाफ हो गई थी। इसके बाद मणिपुर की राजधानी इंफाल से 65 किमी दूर पहाड़ी जिले में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी।
ईजीआई ने FIR पर नहीं दिया बयान, मणिपुर रिपोर्ट में गलती कबूली- सुधार का वादा
ईजीआई ने अभी तक एफआईआर दर्ज किए जाने पर कोई बयान नहीं दिया है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद ईजीआई ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में अपनी मणिपुर रिपोर्ट में गलती को स्वीकार किया और कहा कि इसमें “सुधार किया जा रहा है और एक अद्यतन मणिपुर रिपोर्ट जल्द ही अपलोड की जाएगी।” ईजीआई ने लिखा, “… हमें फोटो संपादन में हुई त्रुटि के लिए खेद है।”
