14.4 C
London
Tuesday, April 14, 2026
Homeराज्यअमेरिका -चीन बनने की कोशिश करेगा भारत तो विकास नहीं होगा... भागवत...

अमेरिका -चीन बनने की कोशिश करेगा भारत तो विकास नहीं होगा… भागवत का बड़ा बयान

Published on

मुंबई

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- यदि भारत चीन या अमेरिका जैसा बनने की कोशिश करेगा तो उसका विकास नहीं हो सकेगा. उन्होंने भारत का विकास कैसे संभव हो पाएगा, ये भी बताया. RSS चीफ ने कहा- भारत का विकास इसके विजन, यहां के लोगों की स्थितियों और आकांक्षाओं, परंपरा और संस्कृति, दुनिया और जीवन के बारे में विचारों के आधार पर होगा. भागवत रविवार को यहां मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मोहन भागवत ने आगे कहा- जो धर्म मनुष्य को सुविधा संपन्न और सुखासीन बनाता है, मगर प्रकृति को नष्ट करता है, वो धर्म नहीं है. उसी का अनुकरण अमेरिका और चीन को देखकर भारत करेगा तो ये भारत का विकास नहीं है. विकास होगा मगर भारत चीन और अमेरिका जैसा बनेगा. उन्होंने कहा- भारत का विजन, लोगों की परिस्थिति, संस्कार, संस्कृति, विश्व के बारे में विचार, इन सभी के आधार पर भारत का विकास होगा. अगर विश्व से कुछ अच्छा आएगा तो उसे लेंगे. मगर हम प्रकृति और अपने शर्तों के अनुसार लेंगे.

‘दुनिया को आज भारत की जरूरत’
इससे पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने पर बयान दिया था. भागवत ने कहा था कि G-20 की अध्यक्षता का भारत में आना कोई सामान्य बात नहीं है. दुनिया को ‘अब भारत की जरूरत है.’ भागवत ने कहा था कि ‘दुनिया को अब भारत की जरूरत है. वैश्विक चर्चा में भारत का नाम है और भारतीयों को भी भरोसा हो गया है कि वे दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं.’

‘भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत’
उन्होंने कहा- ‘जी20 की अध्यक्षता भारत में आना सिर्फ शुरुआत है. हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है. पूरे समाज को भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में काम करना है. पिछले 2,000 वर्षों में मानवता की खुशी के लिए कई प्रयास हुए, लेकिन उनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ और अब दुनिया को भारत की ओर मुड़ना होगा.

भागवत ने कहा था कि सिर्फ भारत ही वैश्विक खुशहाली का रास्ता दिखा सकता है, क्योंकि हम हमेशा इस सिद्धांत में विश्वास करते हैं कि पूरी दुनिया एक परिवार है. हिंदू धर्म पूजा के किसी एक तरीके को नहीं दर्शाता है. एक हिंदू हर वह व्यक्ति है जो परंपरागत रूप से भारत का निवासी है और इसके लिए जवाबदेह (उत्तरदायी) है.

‘क्रूर ताकतें और उनके एजेंट भारत की प्रगति नहीं चाहते’
उन्होंने कहा कि हम विविधता के साथ रह सकते हैं. सभी विविधताएं साथ-साथ चल सकती हैं, क्योंकि विविधताएं एक ही एकता की अनेक अभिव्यक्तियां हैं. जो इसे समझता है, वह हिंदू है. भागवत ने यह भी आगाह किया था कि आज भी ‘क्रूर ताकतें और उनके एजेंट’ हैं जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत टूट जाए और प्रगति ना हो.

Latest articles

बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे सम्राट चौधरी, NDA विधायक दल के नेता चुने गए, कल 11 बजे शपथ

पटना। सम्राट चौधरी बिहार के नए CM होंगे। उन्हें पहले बीजेपी फिर NDA विधायक...

मप्र के कई जिलों में भीषण लू का अलर्ट, पारा 44°C तक जाने के आसार

प्रदेश में रतलाम सबसे गर्म, पारा 41.2°C पहुंचा भोपाल। मध्य प्रदेश में अब बादलों और...

जनगणना-2027 के तहत ‘स्व-गणना’ पहल की शुरुआत

हरिद्वार। भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के अंतर्गत पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’...

बीएचईएल की 61वीं वार्षिक आम बैठक में सीएमडी ने शेयरधारकों को किया संबोधित

हरिद्वार। बीएचईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के. सदाशिव मूर्ति ने कंपनी की 61वीं...

More like this

बिहार के नए मुख्यमंत्री होंगे सम्राट चौधरी, NDA विधायक दल के नेता चुने गए, कल 11 बजे शपथ

पटना। सम्राट चौधरी बिहार के नए CM होंगे। उन्हें पहले बीजेपी फिर NDA विधायक...

सीएम विष्णु देव साय ने किया “बिरहोर जननायक” पुस्तक का विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय...

कृषि क्षेत्र के सशक्त इकोसिस्टम के लिए प्रतिबद्ध सरकार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (ग्राम 2026) के कर्टेन रेज़र...