11 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराज्यअमेरिका -चीन बनने की कोशिश करेगा भारत तो विकास नहीं होगा... भागवत...

अमेरिका -चीन बनने की कोशिश करेगा भारत तो विकास नहीं होगा… भागवत का बड़ा बयान

Published on

मुंबई

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- यदि भारत चीन या अमेरिका जैसा बनने की कोशिश करेगा तो उसका विकास नहीं हो सकेगा. उन्होंने भारत का विकास कैसे संभव हो पाएगा, ये भी बताया. RSS चीफ ने कहा- भारत का विकास इसके विजन, यहां के लोगों की स्थितियों और आकांक्षाओं, परंपरा और संस्कृति, दुनिया और जीवन के बारे में विचारों के आधार पर होगा. भागवत रविवार को यहां मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

मोहन भागवत ने आगे कहा- जो धर्म मनुष्य को सुविधा संपन्न और सुखासीन बनाता है, मगर प्रकृति को नष्ट करता है, वो धर्म नहीं है. उसी का अनुकरण अमेरिका और चीन को देखकर भारत करेगा तो ये भारत का विकास नहीं है. विकास होगा मगर भारत चीन और अमेरिका जैसा बनेगा. उन्होंने कहा- भारत का विजन, लोगों की परिस्थिति, संस्कार, संस्कृति, विश्व के बारे में विचार, इन सभी के आधार पर भारत का विकास होगा. अगर विश्व से कुछ अच्छा आएगा तो उसे लेंगे. मगर हम प्रकृति और अपने शर्तों के अनुसार लेंगे.

‘दुनिया को आज भारत की जरूरत’
इससे पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारत को जी20 की अध्यक्षता मिलने पर बयान दिया था. भागवत ने कहा था कि G-20 की अध्यक्षता का भारत में आना कोई सामान्य बात नहीं है. दुनिया को ‘अब भारत की जरूरत है.’ भागवत ने कहा था कि ‘दुनिया को अब भारत की जरूरत है. वैश्विक चर्चा में भारत का नाम है और भारतीयों को भी भरोसा हो गया है कि वे दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं.’

‘भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत’
उन्होंने कहा- ‘जी20 की अध्यक्षता भारत में आना सिर्फ शुरुआत है. हमें अभी लंबा रास्ता तय करना है. पूरे समाज को भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की दिशा में काम करना है. पिछले 2,000 वर्षों में मानवता की खुशी के लिए कई प्रयास हुए, लेकिन उनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ और अब दुनिया को भारत की ओर मुड़ना होगा.

भागवत ने कहा था कि सिर्फ भारत ही वैश्विक खुशहाली का रास्ता दिखा सकता है, क्योंकि हम हमेशा इस सिद्धांत में विश्वास करते हैं कि पूरी दुनिया एक परिवार है. हिंदू धर्म पूजा के किसी एक तरीके को नहीं दर्शाता है. एक हिंदू हर वह व्यक्ति है जो परंपरागत रूप से भारत का निवासी है और इसके लिए जवाबदेह (उत्तरदायी) है.

‘क्रूर ताकतें और उनके एजेंट भारत की प्रगति नहीं चाहते’
उन्होंने कहा कि हम विविधता के साथ रह सकते हैं. सभी विविधताएं साथ-साथ चल सकती हैं, क्योंकि विविधताएं एक ही एकता की अनेक अभिव्यक्तियां हैं. जो इसे समझता है, वह हिंदू है. भागवत ने यह भी आगाह किया था कि आज भी ‘क्रूर ताकतें और उनके एजेंट’ हैं जो यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि भारत टूट जाए और प्रगति ना हो.

Latest articles

5वीं-8वीं की पुनः परीक्षा 1 जून से: भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की...

एमपी के कॉलेजों में प्रवेश का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार रुपए

भोपाल। मप्र के सरकारी और निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए...

टीटी नगर में शेड को लेकर विवाद, ताला तोड़कर सामान निकालने का आरोप

भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके टीटी नगर में एक शेड पर कब्जे और उसमें...

भोपाल नगर निगम में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 अधिकारियों के तबादले, भदौरिया को गोविंदपुरा तो सृष्टि को हुजूर की कमान

भोपाल। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शहर की सफाई और अतिक्रमण व्यवस्था को...

More like this

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...