9.1 C
London
Thursday, January 15, 2026
Homeराज्यतुम्हारी नजर कमजोर है... जब पत्रकार के

तुम्हारी नजर कमजोर है… जब पत्रकार के

Published on

लखनऊ

अखिलेश यादव हिंदी में भड़क रहे हैं। गुस्सा कर रहे हैं। सवालों के जवाब में जवाबी सवाल दाग रहे हैं। उनका बदला रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, मैनपुरी लोकसभा उप चुनाव में जीत के बाद से अखिलेश यादव उत्साहित हैं। लोगों को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं। हर जिले में जाने की तैयारी में है। अब तक कई जिलों तक पहुंच चुके हैं। उनके दौरे को समाजवादी पार्टी के वोट बैंक को मजबूत करने और संगठन को ग्रासरूट लेवल पर मजबूती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। इसी दौरान उनसे जब सवाल किया गया कि क्या आप माय समीकरण को साधने के लिए निकले हैं? इस पर वह भड़क गए। मैनपुरी लोकसभा उप चुनाव में जीत का हवाला देने लगे। पूछने लगे, क्या आपकी नजर कमजोर है? आपको अपनी आंख की जांच करानी चाहिए।

क्या कहा अखिलेश यादव ने?
अखिलेश यादव से सवाल किया गया कि क्या आप प्रदेश में माय (मुस्लिम + यादव) समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं? सवाल बिल्कुल सीधा था। लेकिन, अखिलेश यादव ने इसका जवाब देने की वजह मीडियाकर्मी से पहले उसके मीडिया संस्थान का नाम पूछा। फिर जवाबी सवाल दागा, क्या तुम्हारी आईसाइट (नजर) कमजोर है। अगर आईसाइट कमजोर है तो इलाज कराओ। तुम्हें मैनपुरी का रिजल्ट नहीं दिखता है? वहां हमें कैसा सपोर्ट मिला है, नहीं दिखा? अपने चश्मे के नंबर को बदला लो।

अखिलेश यादव ने कहा कि आप बीजेपी के कार्यकर्ता मत बनिए। आप मैनपुरी जाइए। वहां के चुनाव परिणाम को देखिए। कोई भी वर्ग नहीं छूटा, जिसने समाजवादी पार्टी को वोट नहीं दिया। ये बीजेपी के लोगों की भाषा है। रामपुर विधानसभा उप चुनाव के रिजल्ट के बारे में पूछने पर अखिलेश ने कहा कि वहां तो वोट ही नहीं डालने दिया।

निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी है सपा
समाजवादी पार्टी इन दिनों निकाय चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। पार्टी की ओर से स्थानीय स्तर पर वोट बैंक को मजबूत बनाने का प्रयास हो रहा है। इसके लिए अखिलेश यादव जिलों की यात्रा कर रहे हैं। वहां पर संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए तमाम शीर्ष नेताओं से मिल रहे हैं। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उनकी यात्रा को अहम माना जा रहा है। अब तक मुलायम ही माय समीकरण को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालते थे। कानपुर दौरे के दौरान जेल में बंद विधायक इरफान सोलंकी से मुलाकात की थी। अखिलेश की इन मुलाकातों के बाद से उनके माय समीकरण को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी संभालने की चर्चा शुरू हो गई। इसी से संबंधित सवाल पर अखिलेश भड़क गए।

अखिलेश यादव के भड़कने को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक वर्ग यह भी कह रहा है कि अखिलेश यादव माय समीकरण तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहते हैं। माय समीकरण से वे दलित और ओबीसी वोटरों को भी जोड़ने की तैयारी में हैं। इस कारण माय समीकरण की चर्चा से भड़क रहे हैं। वहीं, कई लोगों का कहना है कि मैनपुरी उप चुनाव में जीत के बाद से उनके तेवर बदले हैं।

Latest articles

महाराष्ट्र की बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने भेल पर केंद्रित रही अहम बैठक

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज मुंबई में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड...

बोट क्लब से सीएम मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, 1.5 लाख खिलाड़ी मैदान में

भोपाल।मध्यप्रदेश के सबसे बड़े खेल आयोजन खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ सोमवार रात...

भोपाल में पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सारंग की प्रतिमा से छेड़छाड़

भोपाल।मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग के पिता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. कैलाश...

एम्स भोपाल–आईआईटी इंदौर बनाएंगे दुनिया की पहली  एआई आधारित पोर्टेबल 3डी एक्स-रे यूनिट

भोपाल।सड़क हादसों और ग्रामीण इलाकों में घायल मरीजों की जान अब समय पर जांच...

More like this

परीक्षाएं होंगी पारदर्शिता 1 लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर  ।मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से वादा...

युवा देश का भविष्य और राजस्थान का गौरव: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर ।मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और...

दूषित पेयजल से 21 मौतों के विरोध में इंदौर में कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’, उमड़ा जनसैलाब

इंदौर।भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण 21 निर्दोष नागरिकों की मौत और हजारों...