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जेपी नड्डा इसलिए बने रह सकते हैं BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष, समझें पार्टी के अंदर की एक-एक बात

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पटना:

विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यकाल दो साल का होता है। जेपी नड्डा का 3 साल का कार्यकाल 20 जनवरी 2023 को समाप्त हो रहा है। इसके पहले वह जुलाई 2019 में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे उसके बाद 20 जनवरी 2020 को उन्होंने पूर्णकालिक अध्यक्ष के तौर पर पार्टी की कमान संभाली थी। आपको यह भी बता दें कि बीजेपी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष को लगातार तीन साल के लिए दो कार्यकाल दिए जाने का प्रावधान भी है।

जेपी नड्डा के नेतृत्व में बीजेपी का लहराया परचम
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी और विश्वासपात्र माना जाता है। 2019 से लेकर वर्तमान समय तक जेपी नड्डा के नेतृत्व में जिस प्रकार से बीजेपी के संगठन में कार्य किया और बीजेपी जिस प्रकार से राज्यों में परचम लहराने में कामयाब रही है। उसे देखते हुए पार्टी उन्हें 2026 तक का एक्सटेंशन देकर दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर कमान सौंप सकती है। आपको बता दें कि जेपी नड्डा के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल और पंजाब की बात छोड़ दें तो बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली। हालांकि बिहार में 2020 के विधानसभा चुनाव में जनता ने एनडीए सरकार को चुना था। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (JDU) को बीजेपी से अलग कर लिया और लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनानी है। गौरतलब है कि जेपी नड्डा ने पटना में कहा था कि आने वाले समय में देश से विपक्ष खत्म हो जाएगा और सिर्फ बीजेपी ही रहेगी।

2023 में 9 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव भी है बड़ा कारण
भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होते रहते हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश एक चुनाव की बात कही थी। लेकिन इस पर देश की तमाम राजनीतिक दलों के भीतर अभी तक एक राय नहीं बन सकी है। बाहर हाल 2022 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए तो अब 2023 में देश के 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। 2023 में जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम शामिल है। आपको बता दें कि इनमें से दो राज्य छत्तीसगढ़ और राजस्थान में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। आपको यह भी बता दे कि बीजेपी की खास निगाहें छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर भी लगी हुई है।

बीजेपी नहीं उठाना चाहती कोई रिस्क
2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले 2023 में देश के 9 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल अभी से ही सक्रिय हो चुके हैं। आपको बता दें कि बीजेपी के संविधान में जो प्रावधान किया हुआ है उसके अनुसार कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में संगठन के चुनाव कराए जाने के बाद ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाती है। गौरतलब है कि 2023 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव और उसके ठीक बाद 2024 में लोकसभा के चुनाव को देखते हुए पार्टी के राज्य इकाइयों में संगठन चुनाव की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की गई है। कम अंतराल पर विधानसभा और लोकसभा के चुनाव को देखते हुए बीजेपी एक बार फिर से जेपी नड्डा को भी पार्टी की कमान सौंप सकती है

आपको बता दें कि जेपी नड्डा को जातीय समीकरण बिठाने में भी महारत हासिल है। इसके अलावा 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने जो रणनीति तैयार की है। उसके अनुसार 144 लोकसभा की ऐसी सीटें हैं, जहां बीजेपी ने या तो कम मार्जिन से हार का मुंह देखा या फिर उस सीट पर कभी जीत हासिल नहीं कर सकी है। लोकसभा की ऐसी 144 सीटों पर बीजेपी 2024 में अपना परचम लहराना चाहती है। इस लिहाज से भी जेपी नड्डा का बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बने रहना जरूरी हो जाता है।

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