जंगल में नन्हें शावकों को मुंह में दबाकर क्यों घूमती है बाघिन… IFS अधिकारी ने बताई इसके पीछे की कहानी

भोपाल:

टाइगर स्टेट एमपी में बाघों से जुड़ी कई कहानियां हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है। वायरल वीडियो में एक बाघिन अपने शावक को मुंह में पकड़कर घूम रही है। वायरल वीडियो को देखने से लग रहा है कि शावक का जन्म एक-दो दिन पहले ही हुआ है। ऐसे में आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि नाजुक शावक को बाघिन मुंह से पकड़कर क्यों घूम रही है। इस वीडियो को आईएफएस अधिकारी रमेश पांडे ने शेयर किया है। साथ ही उन्होंने इसकी वजह भी बताई है कि आखिर क्यों बाघिन अपने शावक को लेकर ऐसे घूमती है।

आईएफएस अधिकारी रमेश पांडेय ने बताया है कि बाघिन के शावक जन्म के बाद अंधे होते हैं। उन्हें कुछ नहीं दिखाई देता है। शावक जन्म के 6-12 दिन बाद ही कुछ देख पाते हैं। ये वक्त उनके लिए काफी मुश्किल भरा होता है। ऐसे में बाघिन अपने शावकों का बेहद ही सावधानी पूर्वक देखरेख करती है। साथ ही उन्हें जंगल के दूसरे जानवरों से भी सुरक्षा प्रदान करती है। शावक काफी छोटे होते हैं। ऐसे में मां के लिए उन्हें संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

उन्होंने बताया है कि शावक कुछ हफ्ते बाद पूर्ण रूप से देखने लगते हैं। जब तक शावक नहीं देख पाते, तब तक मां बहुत सुरक्षात्मक और गुप्त होने के कारण उन्हें साथ लेकर चलती रहती हैं। तीन-चार शावकों के छोटे साइज होने से मां के लिए यह काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जंगल के ट्रैप कैमरे में यह दृश्य कैद हुआ है।

बाघिन अपने बच्चों को लेकर काफी सजग होती हैं। शावक जब देखने और चलने लगते हैं, तब भी वह मां की छाया में ही रहते हैं। बाघिन ही अपने शावकों को जंगल में शिकार की ट्रेनिंग देती है। एमपी के टाइगर रिजर्व पार्कों से अक्सर ऐसे वीडियो सामने आते रहते हैं, जब बाघिन अपने बच्चों को शिकार करना सिखा रही होती है। तीन-चार महीने तक शावक अपनी मां के साथ ही रहते हैं। पेंच टाइगर रिजर्व से एक वीडियो सामने आया है। इसमें कॉलर वाली बाघिन अपने चार शावकों के साथ घूम रही है।

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