‘बस नमाज पढ़ो, फिर जो करना है करो… मुसलमानों को यही सिखाते हैं’, बोले रामदेव

बाड़मेर ,

बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा विवाद अभी थमा नहीं है. इस बीच योगगुरु बाबा रामदेव का इस्लाम और मुसलमानों पर दिया गया बयान चर्चा में आ गया है. इसमें बाबा रामदेव नमाज पर बात करते हैं और आगे ईसाई धर्म पर भी हमला बोल रहे हैं. रामदेव ने ये बातें राजस्थान के बाड़मेर में एक धर्म सभा के दौरान कहीं. वो पनोणियो का तला गांव में ब्रह्मलीन तपस्वी संत धर्मपुरी महाराज के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में पहुंचे थे.

बाबा रामदेव ने कहा कि इस्लाम धर्म मतलब सिर्फ नमाज पढ़ना है. मुसलमानों के लिए सिर्फ नमाज पढ़ना जरूरी है और नमाज पढ़ने के बाद कुछ भी करो, सब जायज है. चाहे हिंदुओं की लड़कियों को उठाओ, चाहे जिहाद के नाम पर आतंकवादी बनकर जो मन में आए वो करो.

हिंदू धर्म में ऐसा कुछ नहीं होता- रामदेव
रामदेव ने ईसाई धर्म पर बोलते हुए कहा कि दिन में चर्च जाकर मोमबत्ती जलाओ, सारे पाप धुल जाएंगे, लेकिन हिंदू धर्म में ऐसा कुछ नहीं होता. बाबा रामदेव यहीं नहीं रुके. इसके बाद उन्होंने कहा कि उनकी जन्नत (स्वर्ग) का मतलब है कि टखने के ऊपर पायजामा पहनों, मूंछ कटवा लो और टोपी पहन लो.

‘ऐसी जन्नत तो जहन्नुम से भी बेकार’
उन्होंने कहा कि ये मैं नहीं कह रहा हूं, बल्कि यह लोग ऐसा कर रहे हैं. फिर कहते हैं कि जन्नत में अपनी जगह पक्की हो गई. वहां हूरें मिलेंगी और मदिरा पान करने को मिलेगा. रामदेव ने कहा कि ऐसी जन्नत तो जहन्नुम से भी बेकार है. फिर भी लोग मूंछ कटवा रहे हैं और टोपी पहन रहे हैं. ये पागलपन है. लोग इसी चक्कर में पड़े हुए कि सारी जमात को इस्लाम में बदलना है.

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