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‘मैंने देश भर में आदिवासी समाज के साथ कई हफ्ते बिताए हैं’- आदि महोत्सव में बोले पीएम मोदी

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नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव ‘आदि महोत्सव’ का उद्घाटन किया।इस दौरान जनजातीय समुदाय ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासियों की जीवनशैली ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है।

मैंने परंपराओं को करीब से देखा है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आदि महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कहा, “मैंने देश के कोने-कोने में आदिवासी समाज और परिवार के साथ अनेक सप्ताह बिताए हैं। मैंने आपकी परंपराओं को करीब से देखा भी है, उनसे सीखा भी है और उनको जिया भी है। आदिवासियों की जीवनशैली ने मुझे देश की विरासत और परंपराओं के बारे में बहुत कुछ सिखाया है।”

पारंपरिक कारीगरों के लिए पीएम-विश्वकर्मा योजना
उन्होंने कहा, “आज वैश्विक मंचों से भारत आदिवासी परंपरा को अपनी विरासत और गौरव के रूप में प्रस्तुत करता है। आज भारत विश्व को बताता है कि अगर आपको जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों का समाधान चाहिए तो हमारे आदिवासियों की जीवन परंपरा देख लीजिए, आपको रास्ता मिल जाएगा।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस बार बजट में पारंपरिक कारीगरों के लिए पीएम-विश्वकर्मा योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई है। पीएम-विश्वकर्मा के तहत आपको आर्थिक सहायता दी जाएगी, स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग के लिए सपोर्ट किया जाएगा।”

2014 से 2022 तक 500 से ज्यादा एकलव्य स्कूल स्वीकृत
आदि महोत्सव में पीएम ने कहा, “आदिवासी युवाओं को भाषा की बाधा के कारण बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में पढ़ाई का विकल्प भी खोल दिया गया है। अब हमारे आदिवासी बच्चे, आदिवासी युवा अपनी भाषा में पढ़ सकेंगे, आगे बढ़ सकेंगे। आदिवासी बच्चे देश के किसी भी कोने में हों, उनकी शिक्षा और उनका भविष्य मेरी प्राथमिकता है। 2004 से 2014 के बीच केवल 90 ‘एकलव्य स्कूल’ खुले थे जबकि 2014 से 2022 तक हमने 500 से ज्यादा एकलव्य स्कूल स्वीकृत किए हैं। इनमें से 400 से ज्यादा स्कूलों में पढ़ाई शुरू भी हो चुकी है और एक लाख से ज्यादा जनजातीय छात्र इन स्कूलों में पढ़ाई भी करने लगे हैं।

तीन हजार से अधिक ‘वन धन विकास केंद्र’
प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्राइबल प्रोडक्ट्स ज्यादा से ज्यादा बाजार तक आयें, इनकी पहचान बढ़े, इनकी डिमांड बढ़े सरकार इस दिशा में भी लगातार काम कर रही है। देश के अलग-अलग राज्यों में तीन हजार से अधिक ‘वन धन विकास केंद्र’ स्थापित किए गए हैं। आज करीब 90 लघु वन उत्पादों पर सरकार MSP दे रही है।

वहीं, जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पीएम मोदी ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय के लिए इस लक्ष्य के साथ बजट आवंटित किया है कि जैसे ही हम आजादी का अमृत महोत्सव में प्रवेश करते हैं, जनजातियों और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को 2047 तक हल किया जाना चाहिए।

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