मांकड़िंग विवाद में बल्लेबाजों को फटकार, MCC ने कहा- गेंदबाज विलेन नहीं

नई दिल्ली,

क्रिकेट जगत में मांकड़िंग आउट को लेकर काफी हल्ला मचा हुआ है. पहले इसे खेल भावना के खिलाफ माना जाता था. इसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट कमेटी (ICC) ने नियम बनाकर इसे लीगल कर दिया और इसे रनआउट की श्रेणी में ही रखा गया. मगर इसके नियम बनने के बाद भी कई पूर्व क्रिकेटर अब भी इसे खेल भावना के खिलाफ ही मान रहे हैं.

ये दिग्गज अब भी गेंदबाजों को विलेन ही बता रहे हैं. मगर अब नियम बनाने वाले मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की वर्ल्ड क्रिकेट समिति ने अपना बयान जारी कर इस बहस को खत्म करने की कोशिश की है. समिति ने गेंदबाजों का पक्ष लिया और बल्लेबाजों को फटकार भी लगाई है.

बल्लेबाज अपनी क्रीज में ही खड़ा रहे, जब तक…
समिति ने कहा कि इस मुद्दे को विवादास्पद ना बनाएं और संयम बनाए रखें. समिति ने कहा कि गेंदबाज विलेन नहीं हैं. बल्कि बल्लेबाजों को ही अपनी क्रीज में तब तक बने रहना होगा, जब तक कि गेंदबाज अपने हाथ से बॉल डाल नहीं देता है.

MCC ने गुरूवार को कहा, ‘सबसे जरूरी बात यही है कि इस तरह के आउट होने के तरीके पर एक सरल तरीके से सभी तरह के संदेह और विवादों को खत्म किया जा सकता है. यह इस तरह खत्म हो सकता है कि नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़ा खिलाड़ी नियमों का पालन करे और अपनी क्रीज के अंदर तब तक बना रहे जब तक गेंदबाज के हाथ से गेंद फेंकी नहीं जाए.’ बता दें कि इस समिति में कुमार संगकारा, सौरव गांगुली, जस्टिन लैंगर, एलिस्टेयर कुक जैसे खिलाड़ी हैं जिसके चेयरमैन माइक गैटिंग हैं.

अगर बल्लेबाज क्रीज छोड़ता है, तो नियम तोड़ रहा है
बता दें कि ICC मुख्यालय में पिछले हफ्ते एक बैठक हुई थी. इसके बाद अब एमसीसी की समिति ने कहा कि बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि इस तरह के आउट करने पर गेंदबाज की आलोचना की जाती है. समिति के सभी सदस्य एकमत थे कि जो बल्लेबाज खेल के नियमों को तोड़कर क्रीज पर अपनी जगह से आगे खड़ा रहता है, वही दोषी है.

समिति के सभी सदस्य इस बात पर भी सहमत हुए कि इस तरह के रनआउट के लिए गेंदबाजों द्वारा बल्लेबाज को वॉर्निंग देने की जरूरत भी नहीं है. गेंदबाजों के पास नियम तोड़ने वाले बल्लेबाज को उसी समय आउट करने का अधिकार है.

समिति में शामिल श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर कुमार संगकारा ने कहा, ‘इस तरह के आउट वाले मामले में गेंदबाज ‘विलेन’ नहीं है. सभी बल्लेबाजों के पास विकल्प होता है कि वो अपनी क्रीज के अंदर रहें या फिर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहें. ऐसे में उन्हें रन आउट किए जाने के जोखिम के लिए भी तैयार रहना चाहिए. अगर वे अपनी क्रीज से बाहर रहते हैं तो वे ही नियमों को तोड़ रहे हैं.’

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