ब्रिटेन में अवैध रूप से घुसने वाले भारतीय की संख्या बढ़ी, छोटी नावों का सहारा लेकर पहुंच रहे लोग

लंदन,

ब्रिटेन में अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले में भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. पिछले साल इंग्लिश चैनल पार करके ब्रिटेन में 683 भारतीय पुरुषों के घुसने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है. ये सभी लोग छोटी नावों के जरिए समुद्री तटों से ब्रिटेन में घुसे हैं. इसके अलावा, अन्य देशों से भी अवैध रूप से प्रवासियों के घुसने के मामले सामने आए हैं. ऐसे में ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार नया कानून ला रही है, जिसके तहत अवैध प्रवासियों को वापस उनके देश भेजा जाएगा.

हाल ही में एक लेटेस्ट आंकड़ा ऋषि सुनक सरकार ने जारी किया है. यूके सरकार के मुताबिक, 2021 में छोटी नावों के जरिए 67 भारतीय नागरिकों ने ब्रिटेन में प्रवेश किया. 2020 में 64 लोग घुसे. जबकि 2019 और 2018 में कोई भी अवैध तरीके से ब्रिटेन में नहीं आया है. 2022 में यूके में ऐसे 400 से ज्यादा भारतीय नागरिक थे, जो अपर्याप्त रूप से कागजी कार्रवाई में हवाई यात्रा की श्रेणी में आते थे.

असुरक्षित नावों से सफर करते हैं अवैध प्रवासी
भारत से अधिकांश लोग छोटी नावों के जरिए घुसे. 2022 में 25 से 40 वर्ष की आयु के बीच के अधिकांश पुरुषों ने अवैध रूप से एंट्री ली. बड़े पैमाने पर अल्बानिया और अफगानिस्तान के नागरिकों का आना हुआ, इसके बाद ईरान, इराक और सीरिया से लोग आए. अन्य दक्षिण एशियाई राष्ट्रों में पाकिस्तानी, श्रीलंकाई और बांग्लादेशी शामिल हैं. ऐसा माना जाता है कि तस्कर ब्रिटेन में शरण का दावा करके लोगों को अवैध रूप से छोटी और अक्सर असुरक्षित नावों पर ले जाते हैं और हजारों पाउंड चार्ज करते हैं. इस तरह की यात्राओं के परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में कई मौतें हुई हैं लेकिन इन यात्राओं को करने वाले प्रवासियों की संख्या में कई गुना वृद्धि जारी है.

सैकड़ों लोगों की जा रही है वापसी
माइग्रेशन और मोबिलिटी पार्टनरशिप (MMP) के तहत ब्रिटेन का भारत के साथ एक वापसी समझौता है, जिसका उल्लेख ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने पिछले सप्ताह संसद में किया था. प्रधानमंत्री के सवालों (PMQ) के दौरान सुनक ने कॉमन्स को बताया- हमारे पास भारत, पाकिस्तान, सर्बिया, नाइजीरिया और महत्वपूर्ण रूप से अब अल्बानिया के साथ वापसी समझौते हैं, जहां हम सैकड़ों लोगों को वापस कर रहे हैं. उन्होंने कहा- हमारी स्थिति स्पष्ट है. यदि आप अवैध रूप से यहां पहुंचते हैं तो आप यहां शरण का दावा नहीं कर पाएंगे. आप आधुनिक व्यवस्था का लाभ नहीं उठा पाएंगे और आप झूठे मानवाधिकारों के दावे नहीं कर पाएंगे. यह सही बात है.

ब्रिटेन का फ्रांस के साथ समझौता
यह बयान तब सामने आया, जब ब्रिटेन ने फ्रांस के साथ एक नया समझौता किया. इसमें फ्रांसीसी बंदरगाह कैलास से डोवर के ब्रिटेन बंदरगाह तक मानव तस्करों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग के माध्यम से छोटी नावों के अवैध प्रवास पर नकेल कसने के लिए प्रतिबद्धता जताई है और पड़ोसी फ्रांस के साथ नया समझौता किया. समझौते के तहत, यूके फ्रांसीसी सीमा पर एक नए माइग्रेशन डिटेंशन सेंटर और अतिरिक्त अधिकारियों, ड्रोन और निगरानी तकनीक के लिए असुरक्षित छोटी नाव यात्रा को सुविधाजनक बनाने वाले अपराधियों पर नकेल कसने के लिए फंड खर्च करेगा.

संसद में पेश किया गया है विधेयक
सुनक ने ‘स्टॉप द बोट्स’ को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया है. गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने संसद में एक नया अवैध प्रवासन विधेयक पेश किया है. यह विधेयक “छोटी नावों” पर अवैध रूप से आने वाले किसी भी व्यक्ति को या तो अपने देश या किसी अन्य “सुरक्षित तीसरे देश” में लौटाना सुनिश्चित करेगा.

ब्रेवरमैन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कॉमन्स को बताया कि इसे रोकना होगा. नए कानून लाकर, मैं यह बिल्कुल स्पष्ट कर रही हूं कि ब्रिटेन का एकमात्र मार्ग सुरक्षित और कानूनी मार्ग है. यदि आप अवैध रूप से यहां आते हैं, तो आप शरण का दावा नहीं कर पाएंगे या यहां जीवन गुजर नहीं कर पाएंगे.

‘… ऐसे लोगों को रहने की नहीं मिलेगी अनुमति’
उन्होंने कहा- आपको रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुरक्षित होने पर आपको घर लौटा दिया जाएगा या रवांडा जैसे सुरक्षित तीसरे देश में. लोगों को अपने जीवन को जोखिम में डालने और अपराधियों को यहां आने के लिए हजारों पाउंड का भुगतान करने से रोकने का यही एकमात्र तरीका है.

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