रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हिंसा, हावड़ा में आगजनी, वडोदरा में 2 बार पथराव

वडोदरा,

रामनवमी के मौके पर अलग-अलग राज्यों से शोभायात्रा पर पथराव की खबरें आ रही हैं. शोभायात्रा पर गुजरात के वडोदरा में दो बार पथराव हो गया. वहीं बंगाल के हावड़ा में रामनवमी के जुलूस पर हमला हुआ और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके अलावा जुलूस के दौरान लखनऊ से भी कहासुनी हुई थी.

सबसे पहले आपको गुजरात की घटना के बारे में बताते हैं. यहां वडोदरा के फतेपुरा इलाके में सुबह शोभायात्रा निकाली गई थी. इसपर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया. इसके बाद शाम को इसी इलाके में दूसरी शोभायात्रा निकली. इसपर भी वहां पथराव हो गया. पथराव के दौरान की कुछ वीडियोज भी सामने आए. इसमें लोग जान बचाकर भागते भी दिख रहे हैं. इसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं. पथराव के बाद सरकार हरकत में आई है. गुजरात के गृह मंत्री ने इस पथराव में शामिल लोगों पर सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया है. फिलहाल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

बंगाल में कई वाहन फूंके गए
इसके बाद पश्चिम बंगाल से हिंसा की खबर आई. वहां हावड़ा के शिबपुर में रामनवमी का जुलूस निकल रहा था. इसे विश्व हिंदू परिषद और बंजरग दल निकाल रहा था. उसी वक्त वहां हिंसा हुई. हिंसा की वजह फिलहाल सामने नहीं आई. लेकिन बाद के कुछ वीडियोज जरूर सामने आए हैं. वहां कई वाहनों को आग के हवाले किया गया है, ये वीडियो में साफ दिख रहा है.

सीएम ममता का दावा- यात्रा का रूट बदला गया, बुलडोजर-तलवार लेकर पहुंचे थे लोग
रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक बयान भी आया था. इसमें उन्होंने कहा था कि सभी लोग आनंद के साथ रैलियां कीजिए. मगर, रमजान का महीना चल रहा है, इस बात को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम इलाकों से गुजरने से परहेज कीजिए. बीजेपी के लोगों को बोलते हुए सुना है कि हाथियार लेकर निकलेंगे. इस पर कहना चाहती हूं कि ये मत भूलें कि कोर्ट है, जो छोड़ेगा नहीं.

अब हावड़ा में हिंसा के बाद सीएम ममता का फिर से बयान आया है. उन्होंने कहा, ‘मेरे आंख-कान खुले हैं. मुझे सब दिख रहा है. मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि मुस्लिम बहुल इलाकों से यात्रा ना निकाली जाए. मैंने पहले ही कहा था कि राम नवमी पर रैली निकाली गई तो हिंसा हो सकती है.’ ममता ने आगे हिंदू संगठनों पर ही हिंसा का आरोप लगाया. वह बोलीं, ‘यह रमजान का वक्त है. इस वक्त में वे (मुस्लिम समुदाय) कुछ गलत काम नहीं कर सकते.’

ममता ने आगे रैली निकाल रहे लोगों पर भी सवाल खड़े किए. वह बोलीं, ‘शोभायात्रा में बुलडोजर और तलवार लेकर आने की इजाजत किसने दी थी. मैंने सुना है कि हावड़ा रैली में बुलडोजर लेकर लोग पहुंचे थे. इतना साहस उनके पास कहां से आया. इसका जवाब कौन देगा. हम सख्त एक्शन लेंगे. उन्होंने (शोभायात्रा निकाल रहे लोगों) रूट क्यों बदला. उनका मकसद दूसरे समुदाय को नुकसान पहुंचाना था. जनता की अदालत में कोई साजिश नहीं टिक पाएगी.’

जहांगीरपुरी में बिना इजाजत निकाली गई शोभा यात्रा
राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी में भी रामनवमी पर शोभा यात्रा निकाली गई. यह यात्रा बिना पुलिस प्रशासन की इजाजत के निकाली गई है. बता दें कि जहांगीरपुरी इलाके में पिछले साल हनुमान जयंती पर निकली शोभा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी, जिसके बाद दंगे जैसी स्थिति हो गई थी. इसलिए हिंदू संगठनों को रामनवमी पर शोभा यात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी गई थी. लेकिन दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद हिंदू संगठनों ने रामनवमी पर शोभा यात्रा निकाली. इसे लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट रही और एहतियातन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

बंगाल और गुजरात में हुई हिंसा के साथ-साथ लखनऊ से कहासुनी की खबर भी आई थी. नॉर्थ लखनऊ के डीसीपी कासिम अबीदी ने बताया था कि मदियाऊं गांव में कुछ लोगों के बीच कहासुनी हुई थी. एक लड़का जिसका नाम सुमित था वह 10-15 लोगों के साथ डीजे पर गाना बजा रहा था. ये डीजे जब मस्जिद के पास पहुंचा तो इसपर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद कहासुनी हुई. उस इलाके में किसी तरह का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं थी. वहां कहासुनी करने वाले दोनों ग्रुप के लोगों को हिरासत में ले लिया गया था.

संभाजीनगर में हुई थी जबरदस्त हिंसा
इससे पहले बुधवार रात को महाराष्ट्र के संभाजीनगर में जबरदस्त हिंसा हुई थी. वहां दो युवकों के बीच झगड़ा हुआ था. जिसके बाद बमबाजी, आगजनी और पथराव से संभाजीनगर दहल गया था. जानकारी मिली थी कि संभाजीनगर के किराडपुरा में स्थित राम मंदिर के बाहर रात 12:30 बजे दो नौजवानों के बीच छोटी सी अनबन हुई. इसके बाद कुछ लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा हो गए. इसके बाद पथराव शुरू हो गया. उपद्रवियों ने कई वाहनों में आग लगा दी. बदमाशों ने पुलिस के वाहनों को भी आग लगा दिया. इसके अलावा बमबाजी की घटना भी सामने आई.इसके अलावा महाराष्ट्र के ही जलगांव में मस्जिद के बाहर गाना बजाने को लेकर दो गुट भिड़ गए थे. इसमें चार लोग घायल हो गए थे.

क्यों मनाई जाती है रामनवमी?
चैत्र नवरात्रि का समापन राम नवमी के साथ होता है. माना जाता है कि भगवान राम का धरती पर जन्म इसी दिन हुआ था. भगवान राम के जन्म की इस तारीख का जिक्र रामायण और रामचरित मानस जैसे तमाम धर्मग्रंथों में किया गया है.

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