10 C
London
Wednesday, March 11, 2026
HomeUncategorizedबुजुर्ग यात्रियों को किराये में छूट न देकर रेलवे ने की 2,242...

बुजुर्ग यात्रियों को किराये में छूट न देकर रेलवे ने की 2,242 करोड़ की कमाई

Published on

नई दिल्ली,

भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान हो रहे नुकसान के चलते सीनियर सिटीजंस को मिलने वाली छूट बंद कर दी थी. लेकिन इससे अब रेलवे को भारी फायदा हुआ है. रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में 2,242 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की है. इस बात की जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत एक आवेदन पर सामने आई.

कोविड महामारी की शुरुआत के बाद बुजुर्ग यात्रियों को दी जाने वाली छूट सस्पेंड कर दी गई थी. कोरोना से पहले 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को रेल टिकट में 50 फीसदी तक की छूट मिलती थी. रेलवे ने 20 मार्च, 2020 से 31 मार्च, 2022 के बीच 1,500 करोड़ रुपये अधिक कमाए थे. हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद लंबे समय से इसे बहाल करने की मांग की जा रही है लेकिन रेलवे ने अब तक इसे बहाल नहीं किया है.

मध्य प्रदेश के चंद्रशेखर गौर के आरटीआई कानून के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में रेलवे ने कहा कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच उसने लगभग आठ करोड़ सीनियर सिटीजंस को छूट नहीं दी. इनमें 4.6 करोड़ पुरुष, 3.3 करोड़ महिलाएं और 18,000 ट्रांसजेंडर शामिल हैं. आरटीआई के जवाब के मुताबिक इस अवधि के दौरान सीनियर सिटीजंस से कुल राजस्व 5,062 करोड़ रुपये रहा, इसमें रियायत न देने के कारण अर्जित अतिरिक्त 2,242 करोड़ रुपये शामिल हैं.

छूट न देकर लगातार बढ़ रहा रेलवे का राजस्व
सीनियर सिटीजंस के किराए से रेलवे को होने वाली कमाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है. 20 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ यात्रियों को रियायत नहीं दी. इनमें 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष यात्री, 58 से अधिक उम्र की 2.84 करोड़ महिला यात्री और 8,310 ट्रांसजेंडर शामिल थे. सीनियर सिटीजन यात्रियों से मिला कुल राजस्व 2020-22 के दौरान 3,464 करोड़ रुपये था, जो उन्हें रियायत की पेशकश पर होने वाली आय के मुकाबले 1,500 करोड़ रुपये अधिक है. वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान, रेलवे ने पुरुष वरिष्ठ नागरिक यात्रियों से 2,891 करोड़ रुपये, महिला यात्रियों से 2,169 करोड़ रुपये और ट्रांसजेंडरों से 1.03 करोड़ रुपये कमाए.

ट्रेन यात्रा में किसको कितनी छूट?
बता दें कि नियमों के तहत महिला वरिष्ठ नागरिक यात्री 50 प्रतिशत रियायत के लिए पात्र हैं, जबकि पुरुष और ट्रांसजेंडर सभी श्रेणियों में 40 प्रतिशत का लाभ उठा सकते हैं. रियायत का लाभ उठाने के लिए महिला की न्यूनतम आयु सीमा 58 वर्ष है, जबकि पुरुष के लिए यह 60 वर्ष है. लेकिन देश में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बाद मार्च 2020 से वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायतें रोक दी गई थीं. उन रियायतों को अब तक बहाल नहीं किया गया है. दरअसल, ट्रेन सेवाएं 2020 में अधिकांश समय और 2021 के कुछ हिस्सों में निलंबित रहीं. लेकिन इसके बाद सेवाओं के सामान्य होने के साथ ही रियायतों को बहाल करने की मांग उठने लगी है.

 

Latest articles

मंडी विकास के लिए नई भूमि अर्जन नीति मंजूर, 22 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को स्वीकृति

प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य...

हमीदिया अस्पताल में शुरू होगा ह्यूमन मिल्क बैंक, नवजातों को मिलेगा मां के दूध का विकल्प

भोपाल राजधानी भोपाल जल्द ही नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान...

देश में ऊर्जा संकट नहीं, घरों को मिलेगी 100% गैस: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और...

एम्स भोपाल में थायराइड कैंसर और हाइपरथायरॉइडिज्म का अब शहर में ही सटीक इलाज

भोपाल राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान  ने चिकित्सा सुविधाओं में एक और बड़ी उपलब्धि...

More like this

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...

खेलो एमपी यूथ गेम्स आगाज, सीएम मोहन यादव ने बढ़ाया उत्साह

भोपाल ।राजधानी में खेलों का महाकुंभ सजीव हो उठा, जब तात्या टोपे स्टेडियम में...