चप्पे-चप्पे पर जवान, शाह ने की ताबड़तोड़ मीटिंग… जानें कैसे हैं सुलग रहे मणिपुर के हालात

नई दिल्ली,

देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर इस वक्त सुलग रहा है. हालात यह हैं कि यहां भड़की हिंसा के बाद स्थिति को सामान्य करने के लिए भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. सामने आया है कि मोरेह और कांगपोकपी में तो स्थिति नियंत्रण में है और हालात स्थिर हैं, लेकिन अभी इंफाल और सीसीपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी प्रयास जारी हैं. एहतियात के तौर पर मणिपुर में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती जारी रहेगी. इसके अलावा नागालैंड से अतिरिक्त कॉलम भी फिर से तैनात किए गए. वहीं मणिपुर हिंसा की बिगड़ी स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक्‍शन मोड में आ गए हैं.

गृह मंत्री शाह लगातार ले रहे स्थिति का जायजा
मणिपुर में बीते तीन दिनों से स्थिति खराब है. इसके पहले बुधवार-गुरुवार को ही सरकार ने यहां इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश दिया था. वहीं दूसरी ओर गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक्शन मोड में आ गए. उन्‍होंने पड़ोसी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, केंद्रीय गृह सचिव, निदेशक आईबी और राज्य के साथ-साथ केंद्र के संबंधित अधिकारियों के साथ दो वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग बैठकें कीं. मणिपुर में हालात सामान्य करने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद भी ली जा रही है. गुवाहाटी और तेजपुर से गुरुवार रात को सेना के अतिरिक्त बल भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए मणिपुर लाए जाने की बात भी सामने आई है.

कहां कैसी है स्थिति?
मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में नागालैंड से अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं. अब मोरेह और कांगपोकपी में स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है जबकि इंफाल और चुराचंदपुर में हालात को सामान्य करने के लिए सभी प्रयास जारी हैं. सामने आया है कि मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती हो रही है. सेना के साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स की कई कंपनियों को राज्य में तैनात किया गया है. शुक्रवार को भी सुरक्षा बलों की और तैनाती की जाएगी. सीआरपीएफ की सबसे ज्यादा तैनाती पहाड़ी राज्य में की जा रही है.

हिंसा को देखते हुए, मोबाइल डेटा के बाद अब मणिपुर में ब्रॉडबैंड सेवाएं भी निलंबित हैं. सरकार ने रिलायंस जियो फाइबर, एयरटेल एक्सट्रीम, बीएसएनएल आदि को हिंसा और अफवाह फैलाने के लिए ब्रॉडबैंड और डेटा सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश दिया है. मणिपुर राज्य में मौजूदा स्थिति के कारण अगले 5 दिनों के लिए इनके निलंबन का आदेश दिया गया है. MHA के शीर्ष अधिकारी लगातार राज्य के संपर्क में है स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं.

जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर?
वहीं, लोगों की किसी भी प्रकार की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर एक्टिव किए हैं. वर्तमान में मणिपुर और इंफाल शहर में नागालैंड के लोगों के लिए किसी को भी सहायता की जरूरत अगर पड़ती है तो राज्य पुलिस नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं: मेघालय के बाद, नागालैंड ने भी राज्य के उन लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जो मणिपुर में फंसे हो सकते हैं.

सेना ने किया फ्लैग मार्च
भारतीय सेना ने गुरुवार को पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के अशांत इलाकों में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे पर अदालत के आदेश को लेकर आदिवासी समूहों के विरोध के बीच फ्लैग मार्च किया. किसी भी तरह की हिंसा की घटना को रोकने के लिए, मणिपुर सरकार ने हिंसा भड़कने और मणिपुर की राजधानी इंफाल, और चुराचंदपुर जिलों में स्थिति के नियंत्रण से बाहर होने के बाद बुधवार रात राज्य के कुल आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है.

7500 लोगों को राहत शिविर में शरण
मणिपुर सरकार ने बुधवार को पूरे पहाड़ी राज्य में पांच दिनों के लिए मोबाइल डेटा सेवाओं को निलंबित कर दिया था. जैसे ही स्थिति खराब हुई और नियंत्रण से बाहर हो गई, मणिपुर सरकार ने अस्थिर स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारतीय सेना और असम राइफल्स को बुलाया, जिन्होंने अशांत क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया और स्थिति को नियंत्रित किया. हिंसा भड़कने के कारण राज्य के कई इलाकों में 7,500 से अधिक लोगों को सेना के शिविरों और सरकारी कार्यालयों में आश्रय दिया गया था.

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