पाकिस्‍तान में ‘गृहयुद्ध’, भारत के लिए खुशखबरी या बड़े खतरे की आहट? भारतीय विशेषज्ञ ने डराया

इस्‍लामाबाद

पाकिस्‍तान में इमरान समर्थकों और पाकिस्‍तानी सेना के बीच जंग जैसे हालात हैं। पाकिस्‍तानी के कई ठिकानों को इमरान समर्थकों ने जला दिया है। यही नहीं इमरान खान के समर्थक पाकिस्‍तानी सेना के रावलपिंडी स्थित मुख्‍यालय में घुस गए और हिंसा की है। इसी वजह से पाकिस्‍तान में मार्शल लॉ या आपातकाल लगाए जाने की आशंका बढ़ती जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्‍तान में हिंसा जारी रही तो देश कई टुकड़ों में बंट जाएगा। पाकिस्‍तान में जारी हिंसा को भारत के सोशल मीडिया में हिंदुस्‍तान के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है। वहीं विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं और वे भारत को बड़े खतरे के प्रति आगाह कर रहे हैं। आइए समझते हैं पूरा मामला

अमेरिका के डेलावर यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के प्रोफेसर मुक्‍तदर खान कहते हैं कि भारत में यह माना जाता है कि पाकिस्‍तान एक अस्थिर देश है और कई टुकड़ों में बंट जाएगा। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान में जो हालात हो रहे हैं, वह उसे बंटवारे की आशंका के करीब ले जा रहे हैं। खान ने कहा कि भारत में कहा जाता है कि रणनीतिक रूप से देखें तो अगर पाकिस्‍तान संकट में फंसा रहे तो यह भारत को काफी राहत देता है। भारत इससे चीन के ऊपर फोकस कर सकता है। खान ने कहा कि अगर पाकिस्‍तान में गृहयुद्ध होता है तो शरणार्थी संकट पैदा हो सकता है जो भारत के लिए बड़ा मानवीय संकट बन सकता है।

भारत के साथ युद्ध छेड़ सकती है पाकिस्‍तानी सेना
प्रोफेसर खान ने कहा कि भारतीय सेना को पाकिस्‍तान के हालात को देखते हुए ज्‍यादा अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि अगर गृहयुद्ध होता है तो यह भारत के लिए बड़ा संकट होगा। पाकिस्‍तान की सेना इमरान खान को अरेस्‍ट करने के फैसले के कारण बहुत अक्षम नजर आ रही है। उसका यह फैसला सही नहीं है। अब पाकिस्‍तानी सेना के पास दो विकल्‍प है कि वह ताकत के बल पर इस हिंसा को कुचल दे। दूसरा विकल्‍प यह है कि पाकिस्‍तानी सेना भारत के साथ छोटी-मोटी जंग शुरू कर दे।

उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तानी सेना अगर भारत के खिलाफ जंग शुरू करती है तो इससे पाकिस्‍तानी सेना हिंसा को भूलकर उसके साथ खड़ी हो जाएगी। खान ने कहा कि यह भारत के लिए बेगानी शादी में अब्‍दुल्‍ला दीवाना वाला मामला हो जाएगा। इसी वजह से भारतीय सेना को अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि आम जनता इस हिंसा के जरिए यह बताना चाहती है कि जनता सुप्रीम है और सेना उसके अंतर्गत आती है। खान ने कहा कि अगर यह सब नहीं होता तो भी पाकिस्‍तान की जनता महंगाई और लोन संकट को देखते हुए सड़क पर उतर आती। बता दें कि भारतीय सेना पाकिस्‍तान में हिंसा के हालात को देखते अलर्ट मोड पर है और पूरे मामले में करीबी नजर बनाए हुए है।

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