हिंदुओं के खिलाफ जिहाद! इंजीनियर, कोचिंग टीचर और जिम ट्रेनर थे HuT के मेंबर, बड़ी साजिश का पर्दाफाश

भोपाल

मध्यप्रदेश एटीएस ने कट‌्टरपंथी इस्लामिक संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (HuT) के बारे में बड़ा खुलासा किया है। भोपाल से इस संगठन के 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह संगठन हिंदुओं के विरुद्ध जिहाद के लिए युवाओं को तैयार कर रहा था। भोपाल से 10, छिंदवाड़ा से 1 और हैदराबाद से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे कई खुलासे हुए हैं। यह आतंकवादी संगठन भोपाल के नवयुवकों को अपने साथ जोड़ना चाहते था। सिर्फ मुस्लिम ही नहीं हिंदू नव युवकों को भी बरगला कर यह अपने संगठन में शामिल करने की साजिश रच रहे थे।

संगठन में शामिल लोगों को चंदा और संसाधन एकत्रित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। संगठन को मजबूत करने के बाद यह आतंकवादी बड़े शहरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बड़ी घटना को अंजाम देकर लोगों में भय पैदा करने की मंसूबे पाल रहे थे। एमपी एटीएस ने इनकी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। साथ ही सभी को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रमुख शहरों को बनाया था टारगेट
हिज्ब उत् तहरीर (HuT) के आतंकवादियों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि इन लोगों ने आतंक फैलाने के लिए भारत के बड़े शहरों को चिह्नित किया था। यह लोग रेकी कर रहे थे और कई जगह पर ड्रोन से सर्वे को भी अंजाम दिया था। इसके बाद ये नक्शा तैयार करके हमले को अंजाम देना चाहते थे।

कट्टरवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
एमपी में पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस को फ्री हैंड देते हुए कहा था कि प्रदेश में किसी प्रकार का कट्टरवाद हो तो उसे कुचल दें। इस मुहिम के तहत मध्यप्रदेश एटीएस ने कट्‌टरपंथी इस्लामिक संगठन हिज्ब उत् तहरीर/ तहरीक- ए– खिलाफत से जुड़े सदस्यों पर मंगलवार सुबह देश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है।

एटीएस ने भोपाल के शाहजहांनाबाद, ऐशबाग, लालघाटी और पिपलानी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 10 और छिंदवाड़ा से एक सदस्य को गिरफ्तार किया। साथ ही तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से पांच सदस्यों को अभिरक्षा में लिया गया है।

क्या है हिज्ब-उत‌-तहरीर
हिज्ब उत तहरीर/ तहरीक-ए-खिलाफत संगठन का नेटवर्क 50 से अधिक देशों में फैला हुआ है। इस संगठन पर 16 देशों में प्रतिबंध लग चुका है। यह संगठन भारत में लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के स्थान पर इस्लामिक शरिया कानून लाना चाहता है। इसके लिए संगठन ने मध्य प्रदेश में भी गुपचुप तरीके से अपना कैडर तैयार करना प्रारंभ कर दिया था।

गिरफ्त में आए आरोपियों के नाम
भोपाल से गिरफ्तार किए गए संगठन के सदस्यों में यासिर खान 29 वर्ष निवासी शाहजनाबाद भोपाल (जिम ट्रेनर), सैयद सामी रिजवी 32 वर्ष निवासी मेलेनियम हेबिटेट शहीद नगर, भोपाल (कोचिंग टीचर), शाहरूख निवासी जवाहर कॉलोनी ऐशबाग भोपाल (दर्जी), मिस्बाह उल हक 29 वर्ष निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (मजदूरी), शाहिद निवासी जवाहर कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (ऑटो ड्राइवर), सैयद दानिश अली निवासी सोनिया गांधी कॉलोनी, ऐशबाग, भोपाल (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), मेहराज अली 25 वर्ष निवासी मसूद भाई का मकान, ऐशबाग, भोपाल (कम्प्यूटर टेक्नीशियन), खालिद हुसैन 40 वर्ष निवासी बारेला गांव लालघाटी भोपाल, (टीचर और व्यवसायी), वसीम खान निवासी उमराव दूल्हा, ऐशबाग, भोपाल, मोहम्मद आलम 35 वर्ष निवासी नूरमहल रोड, चौकी इमामबाड़ा, भोपाल और करीम निवासी छिंदवाड़ा (प्रायवेट नौकरी) आमजन के मध्य कार्य करते हुए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

इन आतंकवादी संगठनों पर भी हो चुकी कार्रवाई
मध्यप्रदेश में पहले भी जमात-ए-मुजाहिद्दीन-बांग्लादेश(JMB) और पीएफआई जैसे संगठनों पर भी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। मार्च 2022 में एटीएस द्वारा जमात-ए-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। इस दौरान तीन बांग्लादेशी आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था। एमपी एटीएस की कार्रवाई के आधार पर देश के अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की गई थी। सितंबर 2022 में मप्र पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (PFI) के 22 सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की थी। यह कार्रवाई लगातार जारी है।

पहले खुद ली ट्रेनिंग, फिर करने वाले थे भर्ती
सभी गिरफ्तार आरोपी गोपनीय रूप से जंगलों में जाकर क्लोज कॉम्बैट ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर निशानेबाजी की प्रैक्टिस करते थे। हैदराबाद से आए संगठन के दक्ष प्रशिक्षक कैंप में शामिल सदस्यों को ट्रेनिंग देते थे। गोपनीय रूप से दर्श (धार्मिक सभा) आयोजित कर भड़काऊ तकरीरें दी जाती थीं। साथ ही जेहादी साहित्य का वितरण किया जाता था। आरोपी ऐसे नवयुवकों की पहचान करते थे जो उग्र स्वभाव के हों और उन्हें संगठन के लिए अपनी जान देने में कोई हिचक ना हो । सभी आरोपी आपस में बातचीत करने के लिए डार्क वेब में प्रचलित विभिन्न कम्युनिकेशन ऐप जैसे ‘रॉकेट चैट’, ‘थ्रीमा’ और अन्य ऐप का उपयोग करते थे, जिनका उपयोग अधिकतर आतंकी संगठन जैसे ‘आईएसआईएस’ भी करता है।

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