15.8 C
London
Sunday, May 17, 2026
Homeराज्यमंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे...

मंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे भी अलग बैठाकर खिलाया खाना

Published on

अहमदाबाद

गुजरात के मेहसाणा जिले में एक गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाटीदार समुदाय के लोगों ने एक धार्मिक समारोह में उनके साथ जातिगत भेदभाव किया है। उन्होंने दावत में उनके लिए अलग बैठने की व्यवस्था की। हालांकि पाटीदार समुदाय के नेताओं ने इस आरोप से इनकार किया है। हालांकि स्थानीय अधिकारी इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

असल में भटरिया गांव के दलित समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि उमिया माता और महादेव मंदिर के “प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” के अवसर पर रात्रिभोज में पाटीदार समुदाय ने लोगों ने उन्हें अलग बैठने को कहा। जिसके बाद उन्होंने भोजन करने से इनकार कर दिया।

दलित समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर से कुछ दूरी पर एक गांव के स्कूल में अनुसूचित जाति समुदाय के 120 सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। अपने साथ हुए भेदभाव झेलेन के बाद पीड़ित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। इलाके में तनाव बढ़ता देख मौके पर स्थानीय पुलिस तैनात किया गया।

महिला प्रधान को भी अलग बिठाया
इतना ही नहीं दलित समुदाय की गांव की सरपंच विजयबेन परमार ने कहा कि उन्हें ग्राम पंचायत प्रमुख होने के बावजूद दावत में अन्य ग्रामीणों से अलग बैठने को कहा गया। उनका कहना है कि “मैं अपने समुदाय के साथ खड़ी हूं। हम अपने साथ हुए भेदभाव के खिलाफ लड़ेंगे। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।”

नाई ने दलित का बाल काटने से किया मना
वहीं स्थानीय कार्यकर्ता कांतिभाई नादिया ने कहा कि भटारिया गांव में दलितों के साथ अछूतों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इतना ही नहीं दलित महिला सदस्यों को गांव के आंगनवाड़ी केंद्रों में खाना बनाने की अनुमति नहीं है। गांव में एक नाई ने दलित के बाल काटने से मना कर दिया। न तो हम ना ही हमारे बच्चे मंजिर जाते हैं। हम घऱ पर ही पूजा भजन करते हैं। यह भेदभाव आखिर कब तक चलेगा?

हालांकि पाटीदार नेता नटूभाई पटेल और राशिकभाई पटेल ने आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि “दलितों के लिए अलग से भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। यहां सभी समुदाय एक साथ रहते हैं।” फिलहाल अधिकारी ने गांव के दलित समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी बात समझने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि “हमने दोनों समुदायों की एक साथ बैठक की और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसी कोई बात नहीं होगी।”

 

Latest articles

मप्र में भीषण गर्मी-बाजारों में पसरा सन्नाटा, 15 शहरों में 43°C पार, कई जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला है कि लोग बारिश...

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर आवाजाही ठप, 68 यात्री बाहर निकाले, कई ट्रेनें प्रभावित

रतलाम। कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के...

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

More like this

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज उन्नति’ की 5वीं उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अभिनव पहल ‘राजस्थान यूनिफाइड नेटवर्क फॉर न्यू एक्शन’ (राज...

पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरोंसिंह शेखावत को मुख्यमंत्री भजनलाल ने अर्पित की श्रद्धांजलि

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और प्रदेश के...