28.9 C
London
Thursday, May 28, 2026
Homeराज्यमंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे...

मंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे भी अलग बैठाकर खिलाया खाना

Published on

अहमदाबाद

गुजरात के मेहसाणा जिले में एक गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाटीदार समुदाय के लोगों ने एक धार्मिक समारोह में उनके साथ जातिगत भेदभाव किया है। उन्होंने दावत में उनके लिए अलग बैठने की व्यवस्था की। हालांकि पाटीदार समुदाय के नेताओं ने इस आरोप से इनकार किया है। हालांकि स्थानीय अधिकारी इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

असल में भटरिया गांव के दलित समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि उमिया माता और महादेव मंदिर के “प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” के अवसर पर रात्रिभोज में पाटीदार समुदाय ने लोगों ने उन्हें अलग बैठने को कहा। जिसके बाद उन्होंने भोजन करने से इनकार कर दिया।

दलित समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर से कुछ दूरी पर एक गांव के स्कूल में अनुसूचित जाति समुदाय के 120 सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। अपने साथ हुए भेदभाव झेलेन के बाद पीड़ित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। इलाके में तनाव बढ़ता देख मौके पर स्थानीय पुलिस तैनात किया गया।

महिला प्रधान को भी अलग बिठाया
इतना ही नहीं दलित समुदाय की गांव की सरपंच विजयबेन परमार ने कहा कि उन्हें ग्राम पंचायत प्रमुख होने के बावजूद दावत में अन्य ग्रामीणों से अलग बैठने को कहा गया। उनका कहना है कि “मैं अपने समुदाय के साथ खड़ी हूं। हम अपने साथ हुए भेदभाव के खिलाफ लड़ेंगे। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।”

नाई ने दलित का बाल काटने से किया मना
वहीं स्थानीय कार्यकर्ता कांतिभाई नादिया ने कहा कि भटारिया गांव में दलितों के साथ अछूतों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इतना ही नहीं दलित महिला सदस्यों को गांव के आंगनवाड़ी केंद्रों में खाना बनाने की अनुमति नहीं है। गांव में एक नाई ने दलित के बाल काटने से मना कर दिया। न तो हम ना ही हमारे बच्चे मंजिर जाते हैं। हम घऱ पर ही पूजा भजन करते हैं। यह भेदभाव आखिर कब तक चलेगा?

हालांकि पाटीदार नेता नटूभाई पटेल और राशिकभाई पटेल ने आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि “दलितों के लिए अलग से भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। यहां सभी समुदाय एक साथ रहते हैं।” फिलहाल अधिकारी ने गांव के दलित समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी बात समझने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि “हमने दोनों समुदायों की एक साथ बैठक की और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसी कोई बात नहीं होगी।”

 

Latest articles

मशहूर शायर बशीर बद्र नहीं रहे, 91 की उम्र में भोपाल में निधन

भोपाल। शायरी की दुनिया ने गुरुवार को अपना एक और सितारा खो दिया। अजीम...

BJP संगठन में बड़ा फेरबदल: हरियाणा समेत 4 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदले गए

नई दिल्ली। गुरुवार 28 मई को BJP ने चार राज्यों में अपने प्रदेश अध्यक्षों...

सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा, कांग्रेस विधायक दल की बैठक कल

बंगलूरू। कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार में बड़ा बदलाव हो गया है। सीएम सिद्धारमैया...

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, मूक पशु-पक्षियों का भी बनें सहारा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण...

More like this

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, मूक पशु-पक्षियों का भी बनें सहारा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण...

नौतपा और भीषण गर्मी को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अपील: बरतें सावधानी, जनगणना कर्मियों का करें आदर-सत्कार

जयपुर। राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और 'नौतपा' के कड़े मिजाज को देखते...

बीकानेर में अमित शाह की सुरक्षा समीक्षा बैठक, सीमा से 15 किमी दायरे में अवैध निर्माण हटाने के निर्देश

जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बीकानेर में एक...