16.3 C
London
Thursday, April 9, 2026
Homeराज्यमंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे...

मंदिर के भोज में दलितों से हुआ भेदभाव? महिला प्रधान बोलीं- मुझे भी अलग बैठाकर खिलाया खाना

Published on

अहमदाबाद

गुजरात के मेहसाणा जिले में एक गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाटीदार समुदाय के लोगों ने एक धार्मिक समारोह में उनके साथ जातिगत भेदभाव किया है। उन्होंने दावत में उनके लिए अलग बैठने की व्यवस्था की। हालांकि पाटीदार समुदाय के नेताओं ने इस आरोप से इनकार किया है। हालांकि स्थानीय अधिकारी इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।

असल में भटरिया गांव के दलित समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि उमिया माता और महादेव मंदिर के “प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव” के अवसर पर रात्रिभोज में पाटीदार समुदाय ने लोगों ने उन्हें अलग बैठने को कहा। जिसके बाद उन्होंने भोजन करने से इनकार कर दिया।

दलित समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर से कुछ दूरी पर एक गांव के स्कूल में अनुसूचित जाति समुदाय के 120 सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। अपने साथ हुए भेदभाव झेलेन के बाद पीड़ित समुदाय के लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। इलाके में तनाव बढ़ता देख मौके पर स्थानीय पुलिस तैनात किया गया।

महिला प्रधान को भी अलग बिठाया
इतना ही नहीं दलित समुदाय की गांव की सरपंच विजयबेन परमार ने कहा कि उन्हें ग्राम पंचायत प्रमुख होने के बावजूद दावत में अन्य ग्रामीणों से अलग बैठने को कहा गया। उनका कहना है कि “मैं अपने समुदाय के साथ खड़ी हूं। हम अपने साथ हुए भेदभाव के खिलाफ लड़ेंगे। हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।”

नाई ने दलित का बाल काटने से किया मना
वहीं स्थानीय कार्यकर्ता कांतिभाई नादिया ने कहा कि भटारिया गांव में दलितों के साथ अछूतों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इतना ही नहीं दलित महिला सदस्यों को गांव के आंगनवाड़ी केंद्रों में खाना बनाने की अनुमति नहीं है। गांव में एक नाई ने दलित के बाल काटने से मना कर दिया। न तो हम ना ही हमारे बच्चे मंजिर जाते हैं। हम घऱ पर ही पूजा भजन करते हैं। यह भेदभाव आखिर कब तक चलेगा?

हालांकि पाटीदार नेता नटूभाई पटेल और राशिकभाई पटेल ने आरोपों का खारिज करते हुए कहा कि “दलितों के लिए अलग से भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। यहां सभी समुदाय एक साथ रहते हैं।” फिलहाल अधिकारी ने गांव के दलित समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी बात समझने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि “हमने दोनों समुदायों की एक साथ बैठक की और इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसी कोई बात नहीं होगी।”

 

Latest articles

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरूवार को...

छत्तीसगढ़ में एआई आधारित शिक्षा की पहल, 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के माध्यम...

पुष्कर में शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

पुष्कर (अजमेर)। भजनलाल शर्मा ने पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में भाग...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित हिंडोली दौरे को लेकर तैयारियों की समीक्षा

हिंडोली (बूंदी)। भजनलाल शर्मा के 11 अप्रैल को प्रस्तावित हिंडोली दौरे के मद्देनजर गुरुवार...

More like this

छत्तीसगढ़ में एआई आधारित शिक्षा की पहल, 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के माध्यम...

पुष्कर में शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

पुष्कर (अजमेर)। भजनलाल शर्मा ने पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में भाग...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित हिंडोली दौरे को लेकर तैयारियों की समीक्षा

हिंडोली (बूंदी)। भजनलाल शर्मा के 11 अप्रैल को प्रस्तावित हिंडोली दौरे के मद्देनजर गुरुवार...