चीन की मदद के लिए भारत ने दिखाया बड़ा दिल, डूबा जहाज खोजने के लिए नेवी को भेजा

नई दिल्ली,

17 मई 2023 को हिंद महासागर में चीन का एक जहाज डूब गया. उसमें सवार 39 लोग लापता हो गए. अब तक पता नहीं चल पाया गए कहां. लेकिन भारत ने सारी दुश्मनी भुलाकर इंसानियत दिखाते हुए भारतीय नौसेना के खोजी विमान को हिंद महासागर में भेजा. जैसे ही चीन ने मदद मांगी, भारतीय नौसेना तत्काल अपने खोजी विमान P8I को केप कोमोरिन नेवल बेस से उड़ा दिया.

भारतीय नौसेना का विमान भारतीय समुद्री क्षेत्र में 1660 किलोमीटर आगे तक गया. जहां पर चीन का जहाज डूबा था. यह जगह मालदीव्स से थोड़ा आगे हैं. चीन के डूबने वाले जहाज पर 17 चीनी, 17 इंडोनेशियाई और 5 फिलिपींस के लोग थे. चीन ने तो जहाज की सही लोकेशन भी नहीं बताई थी कि उसका जहाज हिंद महासागर में कहां डूबा.

लेकिन भारतीय नौसेना ने चीन के जहाज के डूबने की सही लोकेशन पता की. साथ ही उसके डूबने से समुद्र में फैले सामानों पर भी नजर रखी. चीन के डूबने ववाले जहाज का नाम था लू पेंग यूआन यू 028. इस जहाज का मालिकाना हक पेंगलाई जिंगलू फिशरीज है. चीन ने अपने जहाज को खोजने के लिए दो जहाजों को तैनात किया था.

चीन ने मांगी थी भारतीय नौसेना से मदद
इस जहाज का महत्व इसी से समझा जा सकता है कि चीनी विदेश मंत्रालय ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, फिलीपींस और अन्य देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को सक्रिय कर दिया था. चीन की नौसेना ने भारत से मदद मांगी थी. इसलिए इंडियन नेवी ने अपने विमान को हिंद महासागर में भेजा.

भारतीय नौसेना के P8I विमान ने चीन की ओर से भेजे गए नौसैनिक युद्धपोत को डूबे हुए जहाज की लोकेशन तक पहुंचाया. उन्हें रास्ता बताया. साथ ही चीन समेत दुनिया को यह संदेश भी दे दिया कि भारतीय नौसेना पूरी तरह से अलर्ट है. हमारी समुद्री सीमा के आसपास कुछ भी होता है, तो हमारी नजर पूरी तरह से बनी हुई है.

चीन पर लगते रहे हैं डार्क सेलिंग के आरोप
माना जाता है कि चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा शिपिंग इंडस्ट्री संचालित करता है. चीन के के जहाज कई महीनों तक या कभी कभी वर्षों तक समुद्र में रहते हैं, इन जहाजों को चीनी सरकार के समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मदद मिलती है. चीन के जहाजों पर समुद्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने का आरोप लगता रहता है. इन्हें ‘डार्क सेलिंग’ कहा जाता है. इस दौरान ये जहाज ट्रैकिंग डिवाइस को बंद कर देते हैं, जबकि नियमों के अनुसार इस डिवाइस को ऑन रखना जरूरी है. बता दें कि इस डिवाइस की वजह से जहाज की लोकेशन पता चलती है.

जानिए उस विमान के बारे में, जिसे नेवी ने भेजा
बोइंग पोसाइडन (P8I एयरक्राफ्ट) के चार वैरिएंट दुनियाभर में उपयोग किए जा रहे हैं. ये वैरिएंट हैं- P-8A Poseidon इसका सबसे ज्यादा उपयोग अमेरिकी नौसेना करती है. P-8I Neptune- इसका उपयोग भारतीय नौसेना कर रही है. Poseidon MRA1 का उपयोग रॉयल एयरफोर्स कर रही है. P-8 AGS का उपयोग अमेरिकी एयरफोर्स कर रही है. अब जानते है इस विमान की खासियतों के बारे में…

इस विमान में कुल मिलाकर 9 लोग बैठ सकते हैं. दो उड़ान क्रू होते हैं. बाकि मिशन के लिए काम करते हैं. यह विमान 9000 किलोग्राम वजन उठा सकता है. इसकी लंबाई 129.5 फीट है. विंगस्पैन 123.6 फीट है. ऊंचाई 42.1 फीट है. अगर विमान खाली है, तब इसका वजन 62,730 किलोग्राम होता है. टेकऑफ के समय अधिकतम वजन 85,820 किलोग्राम हो जाता है.

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