8.2 C
London
Monday, May 18, 2026
Homeराजनीतिकिरण रिजिजू की कानून मंत्री की कुर्सी छिनने से सिब्बल क्यों इतने...

किरण रिजिजू की कानून मंत्री की कुर्सी छिनने से सिब्बल क्यों इतने खुश हैं!

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय कानून मंत्रालय से किरेन रिजिजू की छुट्टी पर पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने चुटकी ली है। गुरुवार को मोदी कैबिनेट में बड़ा बदलाव हुआ। रिजिजू को कानून मंत्रालय से हटाकर अब पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह पर अर्जुन राम मेघवाल को बतौर राज्य मंत्री कानून मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। रिजिजू से कानून मंत्रालय छिनने और उन्हें पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय दिए जाने पर सिब्बल ने मजे लेते हुए कहा कि कानूनों के पीछे का साइंस समझना आसान नहीं होता।

यूपीए सरकार के दौरान कानून मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘किरेन रिजिजू: कानून नहीं, अब अर्थ साइंसेज मंत्रालय। कानूनों के पीछे का साइंस समझना आसान नहीं होता। अब साइंस के कानूनों के साथ भिड़ना। गुड लक माइ फ्रेंड!’ मंत्रालय बदले जाने के बाद रिजिजू ने ट्विटर पर अपने बायो में भी बदलाव किया है। अब उनके ट्विटर बायो में कानून एवं न्याय मंत्री की जगह पृथ्वी विज्ञान मंत्री लिखा गया है।

मंत्रालय बदले जाने के बाद अपने पहले ट्वीट में रिजिजू ने खुद को कानून मंत्री के तौर पर मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री के तौर पर सेवा देने सम्मान की बात है। मैं सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों, हाई कोर्ट्स के सभी चीफ जस्टिस, लोअर जुडिशरी और सभी लॉ अफसरों को उनसे मिले समर्थन के लिए शुक्रिया कहता हूं। उनके समर्थन ने हमारे नागरिकों को न्याय में आसानी सुनिश्चित हुई।’ रिजिजू ने ट्वीट में आगे लिखा कि वह उसी उत्साह और ताकत के साथ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में भी काम करेंगे और प्रधानमंत्री मोदी के विजन को पूरा करने की कोशिश करेंगे।

कानून मंत्री के तौर पर किरेन रिजिजू के कार्यकाल को सरकार और न्यायपालिका के बीच तीखे तकरार को लेकर जाना जाएगा। वह कई बार सार्वजनिक तौर पर जजों की नियुक्ति के मौजूदा कलीजियम सिस्टम पर सवाल उठा चुके हैं। वह अक्सर ‘अपारदर्शी’ बताते हुए कलीजियम सिस्टम की तीखी आलोचना कर चुके हैं। रिजिजू ने कलीजियम में सरकार को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग को लेकर सीजेआई को खत भी लिखा था। उस खत के लीक होने पर विवाद भी हुआ था।

Latest articles

महंगाई का झटका: भोपाल समेत मप्र में CNG ₹3 महंगी, दो महीने में ₹5 तक बढ़े दाम

​शनिवार रात से लागू हुईं नई दरें, भोपाल में अब ₹93.75 प्रति किलो पहुंचे...

​भोपाल में दर्दनाक हादसा: तीसरी मंजिल से गिरकर पशु चिकित्सक की पत्नी की मौत

​निशातपुरा के संजीव नगर कॉलोनी की घटना, फोन पर बात करने के दौरान बिगड़ा...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर खुदकुशी की कोशिश

​पिपलानी थाना क्षेत्र के सोनागिरि की घटना ​भोपाल। पिपलानी थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक...

पर्यटन यात्रा और होटल प्रबंधन सहित सभी पारंपरिक विषयों में सहशिक्षा अध्ययन सुविधा

वाणिज्य और राजनीतिविज्ञान में पीएच डी हेतु शोध केन्द्र भोपाल। बाबूलाल लाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...