14.9 C
London
Monday, June 8, 2026
Homeराज्यमाकपा MLA की मदद से SFI ने यूनिवर्सिटी इलेक्शन में किया बड़ा...

माकपा MLA की मदद से SFI ने यूनिवर्सिटी इलेक्शन में किया बड़ा घपला, चुनाव स्थगित

Published on

तिरुवनंतपुरम

आखिरकार केरल यूनिवर्सिटी को स्टूडेंट यूनियन के चुनाव को स्थगित करने का फैसला करना पड़ा। विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में भाग लेने के योग्य एक प्रतिनिधि की जगह स्टूडेंट फेडेशन ऑफ इंडिया (SFI) के एक अयोग्य छात्रा का नाम भेजा गया। कहा जा रहा है कि एक मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक की सह पर एसएफआई ने यह घपला किया। यह धोखाधड़ी तिरुवनंतपुरम स्थित क्रिश्चियन कॉलेज में सामने आई। एसएफआई से जुड़े इस घपले का पता चलने के बाद यूनिवर्सिटी ने गुरुवार को चुनाव स्थगन का ऐलान किया।

विश्वविद्यालय ने उसके तहत आने वाले सभी कॉलेजों में चुनाव प्रक्रिया की पूरी जांच करने का फैसला किया है। यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेज के प्रिंसिपलों को स्क्रूटिनी के लिए छात्र संघ चुनाव कराने से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा गया है। ध्यान रहे एसएफआई उसी राजनीतिक दल सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की छात्र इकाई है जिससे जुड़ा एक विंग पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के कारण बैन हो चुका है।

क्रिश्चियन कॉलेज कटकडा में विभिन्न पदों के लिए कॉलेज यूनियन चुनाव होने के बाद बुधवार को काउंसलर पद पर जीत हासिल करने वाले दो छात्रों में से एक को बदलने की बात सामने आई थी। कॉलेज से जीतीं दो काउंसलर अरोमल और अनेका थीं। मानदंड के अनुसार, केरल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों के काउंसलर के रूप में जीतने वाले उम्मीदवार, केरल विश्वविद्यालय संघ के चुनाव के लिए मतदान करते हैं।

जब क्रिश्चियन कॉलेज ने अपनी काउंसलर की सूची भेजी तो अनेका की जगह एसएफआई के एक और शीर्ष नेता विशाक का नाम आया, जिन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था। इसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध हुआ और कांग्रेस की छात्र शाखा केएसयू ने राज्य के पुलिस प्रमुख को एक लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ प्रतिरूपण का मामला दर्ज करने की मांग की। अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, एक सीपीआई(एम) विधायक कथित रूप से इस आपराधिक कृत्य के पीछे था। उसी पार्टी के दूसरे विधायक उनकी पोल खोल दी। यह दशार्ता है कि पार्टी की तिरुवनंतपुरमजिला इकाई में सब कुछ ठीक नहीं है। माकपा ने छात्र नेताओं को मीडिया से बात न करने की सलाह दी है क्योंकि वे जानते हैं कि चीजें बद से बदतर हो सकती हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं। छात्र नेताओं के अलावा क्रिश्चियन कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी संकट में पड़ सकते हैं।

Latest articles

मध्य प्रदेश में भाजपा उतारेगी तीसरा राज्यसभा कैंडिडेट, दिल्ली से मिली हरी झंडी

कल नामांकन दाखिल करेंगी कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी...

जनता पर फिर महंगाई की मार: घरेलू गैस सिलिंडर 29 रुपये महंगा, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा

नई दिल्ली। एलपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बाद विपक्ष एक बार...

भोपाल के रेस्टोरेंट में आग, लोगों में हड़कंप, बुझाने के लिए दीवार तोड़कर घुसे दमकलकर्मी

भोपाल। राजधानी के लालघाटी क्षेत्र स्थित भोज इन रेस्टोरेंट में रविवार को अचानक आग...

सांसद आलोक शर्मा के प्रयास लाए रंग: सीहोर में फिर रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस

​भोपाल। लंबे समय से चली आ रही सीहोरवासियों की बड़ी मांग आखिरकार पूरी हो...

More like this

सुशासन तिहार के दौरान ठठारी पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के तहत शनिवार को सक्ती जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का एसएमएस अस्पताल में औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल...

पंजाब में ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर, तीन विधानसभा क्षेत्रों में हुई समीक्षा बैठकें

पंजाब। पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध...