रूस और पाकिस्तान बढ़ाएंगे व्यापार, क्या भारत के साथ दोस्ती दिखा डबल गेम खेल रहे पुतिन?

इस्लामाबाद

पाकिस्तान और रूस ने दोनों देशों के बीच व्यापार की लागत को सुविधाजनक बनाने और कम करने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता रूस के कजान में आयोजित मुस्लिम देशों के लिए तीन दिवसीय आर्थिक सम्मेलन के दौरान किया गया। इस सम्मेलन में 85 मुस्लिम देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य मुस्लिम देशों के साथ रूस की दोस्ती को मजबूत करना था। रूस, भारत का पुराना दोस्त है। ऐसे में रूस और पाकिस्तान की दोस्ती भारत की चिंता को बढ़ा सकती है। पाकिस्तान ने कुछ दिनों पहले ही रूस से सस्ता तेल खरीदने को लेकर समझौता किया था। हालांकि, रूस अपने पाकिस्तान के साथ संबंधों को अलग बताता है।

रूस-पाकिस्तान में कौन सा समझौता हुआ
पाकिस्तान और रूस के बीच हुए समझौते के तहत पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय और रूसी संघ की संघीय सीमा शुल्क सेवाओं के बीच सीमा शुल्क सहयोग से संबंधित प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए। यह प्रोटोकॉल दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी ढांचे के रूप में कार्य करता है। यह प्रोटोकॉल पाकिस्तान और रूस के बीच माल की सुचारू आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के अलावा, रूसी बाजार में प्रवेश करने पर पाकिस्तानी उत्पादों के लिए पर्याप्त सीमा शुल्क छूट भी प्रदान करता है। प्रोटोकॉल में प्रशासनिक सहयोग और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन की इंट्रीगेटेड टैरिफ के ढांचे के भीतर सूचनाओं का आदान-प्रदान शामिल है।

रूस से व्यापार बढ़ाएगा पाकिस्तान
इस सम्मेलन में पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री नवीद कमर शामिल हुए थे। अपनी यात्रा के दौरान नवीद कमर ने रूस के तातारस्तान के नेता रुस्तम मिनिखानोव के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पाकिस्तान और रूस के बीच खासतौर पर तातारस्तान को लेकर आर्थिक संबंधों को बढ़ाने पर बातचीत की। पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय की एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार, ऐतिहासिक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर पाकिस्तान और रूस के बीच वाणिज्यिक संबंधों के विकास के लिए आवश्यक कानूनी ढांचा स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

रूस से समझौता कर शेखी बघार रहा पाकिस्तान
पाकिस्तानी मंत्री नवीद कमर ने रूस की सरकारी मीडिया आरटी को बताया कि पाकिस्तान और रूस के बीच व्यापार और राजनीतिक संबंधों में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के उच्च पदस्थ अधिकारियों के बीच कई बैठकें हुईं, खासकर तेल और गैस व्यापार के संबंध में। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि रूस और पाकिस्तान ने अपने व्यापार और राजनीतिक संबंधों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई कई बैठकों का उल्लेख किया, विशेष रूप से रूसी तेल मंत्री की इस्लामाबाद यात्रा की, जिसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी की रूस यात्रा हुई।

क्या भारत के साथ डबल गेम खेल रहे पुतिन
भारत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर परोक्ष रूप से रूस का समर्थन किया है। संयुक्त राष्ट्र के मंच पर रूस के खिलाफ आए किसी भी प्रस्ताव के पक्ष में भारत ने वोट नहीं किया है। इतना ही नहीं, भारत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के भारी दबाव के बावजूद रूस की आलोचना नहीं की है। इसके बावजूद रूस और पाकिस्तान में बढ़ती दोस्ती भारत के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। भारत का पाकिस्तान के साथ संबंध खराब हैं। पाकिस्तान कंगाल होने के बावजूद आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने, उनकी फाइनेंसिंग करने जैसी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।

यूक्रेन को हथियार दे रहा पाकिस्तान
रूस से दोस्ती बढ़ा रहा पाकिस्तान चोरी-चुपके यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई कर रहा है। कुछ दिनों पहले ही यूक्रेन के एक बड़े सैन्य अधिकारी ने आरोप लगाया था कि उनको मिल रहे पाकिस्तानी हथियार घटिया क्वालिटी के हैं। हालांकि पाकिस्तान ने यूक्रेन को हथियारों की सप्लाई से इनकार किया है। कई ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान अपने हथियारों को सीधे यूक्रेन न भेजकर यूरोप के रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है। ब्रिटेन और अमेरिका जैसे पश्चिमी देश भी पाकिस्तान में बने हथियारों को यूरोप के रास्ते यूक्रेन भेज रहे हैं।

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