जलते मणिपुर में मोर्चा संभाल रहे आर्मी चीफ, चार दिन के दौरे पर शाह भी पहुंचे

इंफाल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चार दिन के दौरे पर सोमवार रात मणिपुर पहुंचे। यहां वह जातीय हिंसा का समाधान निकालकर शांति बहाल करने के उद्देश्य से अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वह दिल्ली से एक विशेष विमान से इंफाल के बीर टीकेंद्रजीत इंफाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। एक दिन पहले आर्मी चीफ मनोज पांडे ने हिंसाग्रस्त मणिपुर पहुंचकर मोर्चा संभाला हुआ है। सोमवार को शाह के दौरे से पहले सेना ने 25 हथियारबंद उग्रवादियों को पकड़ा जो इंफाल में घरों को जलाने की कोशिश कर रहे थे।

सूत्रों ने कहा कि शाह हालात का आकलन करने और सामान्य स्थिति बहाल करने की योजना बनाने के लिए मंगलवार को अनेक दौर की बैठक कर सकते हैं। वह बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित कर सकते हैं और राज्य में जारी हिंसा पर नियंत्रण के लिए कदमों की घोषणा कर सकते हैं।

मणिपुर के लोगों को भी शाह के दौरे से शांति बहाल होने की उम्मीद है। मणिपुर के दोनों समुदाय- मैतेई और कुकी के प्रतिनिधि भी मान रहे हैं कि शाह के दौरे से बातचीत का रास्ता निकल सकता है। बहुसंख्यक मेइती और अल्पसंख्यक कुकी, दोनों ही समुदायों ने इंफाल सहित कई अन्य जिलों की सड़कों पर शाह के स्वागत में पोस्टर और बैनर लगाए हैं। सूत्रों ने बताया कि कई नागरिक संस्थाओं ने भी गृहमंत्री के स्वागत में संदेश जारी किए हैं।

कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी (कोकोमी) नाम के एक संगठन ने कहा, ‘हमें पता चला है कि भारत के माननीय गृह मंत्री मणिपुर आ रहे हैं। कोकोमी इसे राज्य में शांति बहाल करने की दिशा में एक बहुत ही सकारात्मक कदम मानती है। कोकोमी का मानना है कि शाह के सक्षम नेतृत्व में मणिपुर के लोग राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।’

मणिपुर में कुकी जो समुदाय के कल्याण के लिए काम करने वाले यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट और कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की यात्रा एक सकारात्मक पहल है।दोनों संगठनों ने कहा, ‘इस यात्रा ने कुकी जो आदिवासियों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा की है। हम दो समुदायों के बीच चल रहे इस जातीय संघर्ष को समाप्त करने के लिए उनके कदमों और निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’

सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि वह गुरुवार सुबह इंफाल से लौट सकते हैं। मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से शाह की यह राज्य की पहली यात्रा है। अमित शाह के दौरे से पहले आर्मी चीफ मनोज पांडे भी मणिपुर पहुंचे। उन्होंने रविवार को सीएम एन बीरेन सिंह के साथ बैठक की। इस दौरान एन बीरेन सिंह ने बताया कि 3 मई से अब तक 40 उग्रवादी मारे जा चुके हैं।

मणिपुर में भारतीय सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने कम से कम 25 शरारती तत्वों को पकड़ा है, जिनके पास से हथियार, गोला बारूद और ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सभी 25 बदमाशों को मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया है। रक्षा बलों के एक प्रवक्ता ने बताया कि इंफाल घाटी में और उसके आसपास गोलीबारी और झड़पों की ताजा घटनाओं के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके पास से हथियार जब्त किए गए हैं।

मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद मणिपुर में जातीय झड़पों में 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

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