15.7 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराज्यमैं किसान हूं, 5 करोड़ जमा कराऊं, इतनी हैसियत नहीं... BSP से...

मैं किसान हूं, 5 करोड़ जमा कराऊं, इतनी हैसियत नहीं… BSP से निकाले गए मसूद का माया को जवाब

Published on

सहारनपुर

बहुजन समाज पार्टी से निष्कासन के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के सियासी दिग्गज माने जाने वाले पूर्व विधायक इमरान मसूद लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। बसपा से निष्कासन को लेकर एनबीटी ने इमरान मसूद से बात की। मसूद ने बसपा के आरोपों पर कहा कि उनकी इतनी हैसियत नहीं है कि पार्टी को पांच करोड़ का चंदा जमा कराएं।

सवाल: बसपा से निष्कासन प्रकरण पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब: ‘ना तड़पने की इजाज़त है ना फरियाद की, घुटकर मर जाऊं ये मर्जी है मेरे सय्याद की’…. मुझे तो पता ही नहीं है। मुझे तो मीडिया से पता चला है कि मेरा बसपा से निष्कासन हो गया है।

सवाल: बहन जी ने आज भी आपको लेकर ट्वीट किया है कि आप बसपा में रहकर कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं की तारीफ कर रहे थे। इस पर क्या कहना है?

जवाब: बहन जी का शुक्रिया! बहन जी मुझे मोहब्बत से नवाज रहीं हैं। उन्होंने मेरे सर पर हाथ रखा। मुझे छोटे भाई की तरह सम्मान दिया और मेरा फ़र्ज़ है कि में बहन जी का सम्मान हमेशा बड़ी बहन की तरह जीवन भर करूं। मेरे सर पर आशीर्वाद का हाथ रखा था जो मैं हमेशा सर पर महसूस करूंगा। कोशिश करूंगा कि बहन जी को मुझ से जो उम्मीदें थीं कि में दलितों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ूं, उस लड़ाई को लड़ता रहूंगा इंशाल्लाह।

सवाल: आपके विरोधी कह रहे हैं कि आपके लिए सभी रास्ते बंद हो गए हैं।
जवाब: देखिए रास्ते बंद करने और खोलने वाला अल्लाह है। मैं कोई भविष्य वक्ता नही हूं ना मेरी हैसियत है। मेरे साथी मेरी ताक़त है।मेरे साथियों ने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया।

सवाल: भविष्य को लेकर क्या योजना है क्या अगला कदम रहेगा?
जवाब: में जल्द ही साथियों की मीटिंग बुलाऊंगा और उनके साथ चर्चा करूंगा। साथी जो निर्णय लेंगे उस निर्णय को मानूंगा।

सवाल: आप कांग्रेस में जाएंगे या किसी अन्य पार्टी को जॉइन करेंगे?
जवाब: ये साथियों का फैसला होगा। मैं हमेशा साथियों से मशवरा करके ही राजनीतिक फैसला लेता हूं। मैंने पार्टी छोडी नहीं, मुझे पार्टी से निकाला गया… और बिना किसी खता के निकाला गया। बताया भी नहीं कि आपकी खता क्या है। तो साथियों से मशवरा करूंगा पहले भी मैंने हमेशा साथियों के मशवरे से ही राजनीतिक फैसले लिए हैं।

सवाल: निष्कासन के पत्र में लिखा है आपने चंदे वाली किताबें नहीं लौटाईं। क्‍या है यह मामला?
जवाब: भाई मेरी हैसियत ही नहीं है कि जितनी किताबें वो मुझसे वो कह रहे थे… मतलब में ढाई लाख सदस्य बनाऊं कम से कम। यानी पांच करोड़ की सदस्यता शुल्क जमा कराऊं। मेरी इतनी हैसियत ही नहीं है। मैं छोटा सा किसान हूं, कोई उद्योगपति थोड़ी ही हूं।लोग मुझे चंदा देते हैं तो मेरा चुनाव होता है वर्ना मेरे पास तो चुनाव लड़ने के पैसे ना हो। मैं इतने चुनाव लड़ पाया हूं लोगों और साथियों के बलबूते पर ही लड़ पाया हूं।साथी पैसे देते हैं तो चुनाव हो जाता है।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...

अहमदाबाद में ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट आयोजित, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निवेशकों को दिया राजस्थान में निवेश का आमंत्रण

अहमदाबाद। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अहमदाबाद में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट में...