वैश्विक बाजारों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को आश्वस्त किया है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बावजूद भारत का ऊर्जा आयात कई वैकल्पिक स्रोतों और मार्गों से सुचारू रूप से जारी है, जिससे घरेलू मांग में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। घरों को मिलेगी 100% आपूर्ति, उद्योगों के लिए भी पुख्ता इंतजाम मीडिया से अनौपचारिक चर्चा के दौरान पुरी ने कहा कि सरकार ने प्राथमिकता तय कर दी है। उन्होंने घोषणा की, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की 100% आपूर्ति बनी रहे।” इसके अलावा, वैश्विक व्यवधानों के बावजूद उद्योगों को भी उनकी सामान्य गैस आवश्यकता का लगभग 70-80% हिस्सा मिल रहा है, जो सरकार के कुशल आपूर्ति प्रबंधन को दर्शाता है।
सप्लाई चैन के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बनी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने एक तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इसमें इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के कार्यकारी निदेशक शामिल हैं। यह समिति रेस्टोरेंट संघों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान करेगी और क्षेत्रीय मांग के आधार पर आपूर्ति को प्राथमिकता देगी। होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता हुई कम भारत की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि वर्तमान में भारत के कुल कच्चे तेल के आयात का 70% हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’के अलावा अन्य मार्गों से आता है। यही कारण है कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति होने के बावजूद भारत की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। घरेलू एलपीजी उत्पादन में 10% की वृद्धि सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में 10% की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, एलपीजी और एलएनजी की अतिरिक्त खेपें जल्द ही भारत पहुँचने वाली हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्टॉक और अधिक मजबूत हो जाएगा।
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